नई दिल्ली/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रेल मानचित्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। लंबे समय से बहुप्रतीक्षित डोंगरगढ़–कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इस बहुप्रतीक्षित निर्णय से न केवल प्रदेश के कई जिलों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, बल्कि उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। इसे छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
इस परियोजना को मंजूरी दिलाने के पीछे केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर सांसद तोखन साहू की लगातार की गई पहल को अहम माना जा रहा है। सांसद बनने के बाद से ही उन्होंने विभिन्न स्तरों पर केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष इस रेल लाइन की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय रेल मंत्री से कई दौर की मुलाकात, पत्राचार और लगातार फॉलोअप के जरिए उन्होंने इस परियोजना को जनहित और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
इसी क्रम में गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर प्रदेश में रेल अवसंरचना के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में डोंगरगढ़–कटघोरा नई रेल लाइन के साथ-साथ बस्तर क्षेत्र की अन्य प्रस्तावित रेल परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। चर्चा के बाद डोंगरगढ़–कटघोरा रेल लाइन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। नई रेल लाइन से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी, पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इससे लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है और आने वाले समय में इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक सोच के कारण छत्तीसगढ़ को यह बड़ी सौगात मिली है।
डोंगरगढ़–कटघोरा रेल लाइन को मंजूरी मिलने से प्रदेश में रेल अवसंरचना के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार करेगी, बल्कि खनिज, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी परिवहन को अधिक सुगम और किफायती बनाएगी। साथ ही यह रेल कॉरिडोर भविष्य में छत्तीसगढ़ के संतुलित क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार साबित हो सकता है।


