जांजगीर-चांपा। चांपा थाने की चारदीवारी के भीतर 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब के एक मामले में देर रात पकड़े गए मेहंदीपारा निवासी शिव सहिस की तड़के थाने में अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
मृतक की पहचान शिव सहिस, पिता मनीराम, निवासी मेहंदीपारा चांपा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक शिव को देर रात शराब संबंधी मामले में पुलिस थाने लेकर आई थी। इसके कुछ ही घंटों बाद सुबह करीब 7 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद लोगों की भीड़ चांपा थाने के बाहर भी जमा होने लगी। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर शिव के साथ मारपीट और बेरहमी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शिव को स्वस्थ अवस्था में पुलिस थाने लेकर आई थी, तो कुछ ही घंटों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई? इसी सवाल का जवाब अब पुलिस और प्रशासन से मांगा जा रहा है।
परिजनों का आरोप है कि शिव के साथ थाने में मारपीट की गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन की ओर से भी फिलहाल युवक की मौत के वास्तविक कारण को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यही वजह है कि मामले को लेकर संदेह और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
चांपा थाने के बाहर बढ़ती भीड़ और लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हिरासत में हुई मौत का मामला होने के कारण यह घटना बेहद संवेदनशील हो गई है। गिरफ्तारी के समय शिव की स्थिति क्या थी, थाने में उसके साथ क्या हुआ, उसकी तबीयत कब और किन परिस्थितियों में बिगड़ी, उसे अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा और अस्पताल पहुंचने तक उसकी मेडिकल स्थिति कैसी थी—इन तमाम बिंदुओं की जांच अब बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है। युवक के शरीर पर चोट के कोई निशान थे या नहीं, मौत का चिकित्सकीय कारण क्या रहा और हिरासत के दौरान किसी तरह की चोट या अन्य घटना हुई थी या नहीं, इसका स्पष्ट जवाब जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आ सकेगा।
हालांकि पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और मौत का वास्तविक कारण भी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। लेकिन पुलिस की निगरानी में थाने लाए गए एक 25 वर्षीय युवक की कुछ घंटों बाद मौत होना अपने आप में गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।
अब पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनाक्रम की जांच और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि शिव सहिस की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल एक परिवार अपने बेटे की मौत का जवाब मांग रहा है और चांपा में लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।


