बिलासपुर। शिवनाथ नदी में डूबे युवक की तलाश लगातार कई दिनों से जारी है, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। निराश और परेशान परिजनों ने आखिरकार जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपकर एसडीआरएफ की स्कूबा टीम से विशेष सर्च ऑपरेशन चलाने की मांग की है।
ग्राम जोंधरा निवासी सुखदेव केवट (26 वर्ष) 23 जुलाई 2026 को अपने दो साथियों के साथ शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने गया था। आवेदन के अनुसार वह थाना लवन क्षेत्र के ग्राम पंडरिया के पास नदी में जाल डालकर मछली पकड़ रहा था। इसी दौरान नदी का तेज बहाव होने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में समा गया। घटना के बाद से लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
परिजनों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर खोजबीन के सभी प्रयास लगभग नाकाम साबित हुए हैं। ऐसे में अब केवल प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर्स और आधुनिक उपकरणों से ही नदी की गहराई में तलाश संभव है।

कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में मृतक की माता मीनाबाई केवट, भाई हरिशकिशन केवट और पत्नी उमेश्वरी केवट ने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। आवेदन में आग्रह किया गया है कि एसडीआरएफ की स्कूबा टीम को तत्काल मौके पर भेजकर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि सुखदेव का पता लगाया जा सके और परिवार की अनिश्चितता समाप्त हो।
इस आवेदन पर ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचों के भी हस्ताक्षर हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि पूरा गांव इस मांग के साथ खड़ा है।
बढ़ता सवाल
लगातार कई दिनों तक खोजबीन के बाद भी यदि युवक का पता नहीं चल पाया है, तो अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन स्कूबा टीम भेजकर विशेष रेस्क्यू अभियान शुरू करेगा, या फिर एक परिवार अपने बेटे, भाई और पति की तलाश में यूं ही इंतजार करता रहेगा? ग्रामीणों की नजर अब जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।


