ताज़ाख़बर36गढ़:- सोमवार को इंटरपोल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का अनुरोध मानते हुए पंजाब नेशनल बैंक को 2 बिलियन का चूना लगाने वाले हीरा कारोबारी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस के जारी होने के बाद इंटरपोल के सभी देशों को नीरव की गतिविधियों के बारे में सूचित कर दिया जाएगा। इंटरपोल ने अपने सदस्य देशों से कहा है कि वह मोदी को या तो गिरफ्तार कर लें या फिर हिरासत में ले लें। इसी बीच आज हम आपको बताते हैं कि इंटरपोल का नोटिस क्या होता है। देश में अपराध करके विदेश भाग जाने वाले अपराधियों के खिलाफ कौन-कौन से नोटिस जारी किए जाते हैं और यह किस तरह कार्य करते हैं।
क्या होता है इंटरपोल
इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन जिसे कि इंटरपोल कहा जाता है, यह 190 देशों का स्वतंत्र संगठन है जिसमें पुलिस अधिकारियों के अलावा नागरिक भी शामिल होते हैं। इसका मुख्यालय फ्रांस के ल्योन में है। इस संगठन की स्थापना 1923 में हुई थी। इंटरपोल का काम विभिन्न देशों में हुए सीमापार अपराधों में पुलिस की मदद करना है। हर देश में इंटरपोल का एक दफ्तर होता है जिसे नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी) कहते हैं जो उस देश की पुलिस बल को अन्य सदस्यों के साथ जोड़ती है। वह आपस में सूचनाओं को साझा करते हैं और उनके पास हाई-टेक टूल और संसाधन मौजूद होते हैं।
कैसे काम करता है इंटरपोल
इंटरपोल विभिन्न देशों की पुलिस को अंतर्राष्ट्रीय अपराध की सूचना नोटिस के जरिए देता है। यह नोटिस एक अलर्ट मैसेज की तरह होते हैं जो सदस्य देशों को भेजे जाते हैं। यह नोटिस दो तरह के होते हैं। पहला एक वांछित नोटिस होता है जिसमें उस शख्स से जुड़ी सारी सूचनाएं मौजूद होती हैं। जैसे कि उसकी उम्र, जन्मतिथि, आखों का रंग, नागरिकता, कितनी भाषाएं बोलनी आती हैं, कितना पढ़ा-लिखा है आदि। दूसरे नोटिस में केवल उस शख्स के बारे में सारी जानकारी देकर उसकी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं मांगी जाती हैं। इसके बाद यदि वह शख्स इंटरपोल के किसी देश में घुसता है तो उसकी जानकारी उस देश को दे दी जाती है।


