Monday, February 2, 2026
Homeरेलवेबिलासपुर: मिशन कर्मयोगी अभियान के तहत 50 हजार से कम कर्मचारियो वाले...

बिलासपुर: मिशन कर्मयोगी अभियान के तहत 50 हजार से कम कर्मचारियो वाले रेलवे जोन की श्रेणी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रहा अव्वल…

बिलासपुर, 18 दिसंबर 2024: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने मिशन कर्मयोगी अभियान के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह के अवसर पर आयोजित कर्मयोगी सप्ताह समापन समारोह में बिलासपुर, रायपुर और नागपुर रेल मंडलों के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस प्रयास में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे जोन की “50 हजार से कम कर्मचारियों” वाली श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

पुरस्कार विजेताओं का सम्मान
मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
प्रथम श्रेणी में:
1. अक्षय कर्मकार, स्टेशन मास्टर (नागपुर) – प्रथम स्थान।
2. मोहम्मद फाइजन, तकनीशियन-3 (मोतीबाग, नागपुर) – द्वितीय स्थान।
3. अजय कुमार साहू, मुख्य कर्मचारी और कल्याण निरीक्षक (बिलासपुर) – तृतीय स्थान।

द्वितीय श्रेणी में:
1. वाई. वी. शंकर, मुख्य कर्मचारी और कल्याण निरीक्षक (रायपुर) – प्रथम स्थान।
2. महेंद्र राम, वरिष्ठ कल्याण निरीक्षक (बिलासपुर) – द्वितीय स्थान।

तृतीय श्रेणी में:
1. नरेश कुमार पटेल, कल्याण निरीक्षक (रायपुर) – प्रथम स्थान।
2. बी. पी. शुक्ल, वरिष्ठ कल्याण निरीक्षक (बिलासपुर) – द्वितीय स्थान।

सम्मान समारोह
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय, बिलासपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक विजय कुमार साहू ने विजेताओं को सम्मानित किया। साहू ने अपने संबोधन में मिशन कर्मयोगी के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म की उपयोगिता के बारे में कर्मचारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों की कौशल विकास यात्रा को आसान और प्रभावी बनाएगा।

मिशन कर्मयोगी: भविष्य की ओर एक कदम
मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म iGOT के माध्यम से प्रशिक्षित करना है। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक कुशल, जागरूक और आधुनिक कार्यप्रणाली के अनुरूप तैयार करना है।

कार्यक्रम में प्रधान प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी, डॉ. दर्शनीता बी. अहलुवालिया ने सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटकर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करें।

भागीदारी और भविष्य की योजना
इस आयोजन में बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडलों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी उपस्थित कर्मियों को “कर्मयोगी प्रशिक्षक” के रूप में नामित किया गया। अगले सप्ताह इन प्रशिक्षकों द्वारा अधीनस्थ कर्मचारियों को मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण देने का आह्वान किया गया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने मिशन कर्मयोगी अभियान में अपनी प्रतिबद्धता और दक्षता का प्रदर्शन करते हुए न केवल शीर्ष स्थान प्राप्त किया, बल्कि अन्य रेलवे जोनों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत भी बना। यह पहल भविष्य में रेलवे की कार्यक्षमता और गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights