बिलासपुर। हत्या के गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक (ASI) गजेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अटैच कर दिया है। वहीं, अपने अधीनस्थ स्टाफ पर नियंत्रण न रख पाने के आरोप में थाना सिटी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विवेक पांडे को लाइन अटैच किया गया है।
मामला 5 अगस्त 2025 की रात का है, जब दीपक साहू ने थाना सिटी कोतवाली पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ड्यूटी पर तैनात एएसआई गजेंद्र शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कर एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) तो कराया, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 8 अगस्त 2025 को आरोपी ने दीपक साहू की हत्या कर दी।
जांच में पाया गया कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो घटना को रोका जा सकता था। एएसआई गजेंद्र शर्मा के इस आचरण को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने “कर्तव्य के प्रति घोर अनुशासनहीनता” माना और तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। वहीं, थाना प्रभारी विवेक पांडे को “कमांड एंड कंट्रोल में विफलता” के चलते लाइन अटैच किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि—
“कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता दिखाएगा, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।”
यह कार्रवाई पुलिस विभाग में जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


