बिलासपुर। पुलिस विभाग बिलासपुर के आरक्षक क्रमांक 558 स्वर्गीय रामनारायण सिंह की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद उनके परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) के अंतर्गत 1 करोड़ रुपये का बीमा चेक प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि आरक्षक रामनारायण सिंह की 05 अप्रैल 2025 को ग्राम सेंदरी, थाना कोनी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद थाना कोनी पुलिस ने मर्ग जांच उपरांत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की थी।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) एवं पुलिस विभाग के बीच हुए समझौते (MOU) के तहत पुलिस सैलरी पैकेज योजना में सड़क दुर्घटना से मृत्यु, स्थायी पूर्ण विकलांगता अथवा स्थायी आंशिक विकलांगता की स्थिति में नामांकित वारिस को अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का बीमा दावा प्रदान किया जाता है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस प्रकरण में पुलिस वेतन शाखा को निर्देशित किया था कि मृतक आरक्षक के परिवार को बीमा की राशि दिलाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए। उनकी पहल पर स.उ.नि. (अ) सुरेश कुमार पटेल ने थाना कोनी एवं परिजनों से आवश्यक दस्तावेज लेकर भारतीय स्टेट बैंक से समन्वय स्थापित किया।
आज आयोजित कार्यक्रम में स्व. आरक्षक की पत्नी श्रीमती पूनम सिंह ठाकुर एवं पुत्र सुरेंद्र सिंह ठाकुर को 1 करोड़ रुपये का चेक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि—
“पुलिस विभाग अपने प्रत्येक जवान और उनके परिवार के साथ सदैव खड़ा है। विभाग की यही कोशिश रहती है कि विपरीत परिस्थितियों में परिवार को हरसंभव सहयोग मिले।”
पुलिस सैलरी पैकेज योजना क्या है?
भारतीय स्टेट बैंक और पुलिस विभाग के बीच हुए समझौते के अनुसार, पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) के अंतर्गत सेवा के दौरान दुर्घटना से मृत्यु अथवा विकलांगता होने की स्थिति में परिजनों को बीमा राशि प्रदान की जाती है। इस योजना से पुलिस जवानों को सुरक्षा कवच मिलता है और उनके परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहारा उपलब्ध होता है।


