बिलासपुर। रेंज साइबर थाना बिलासपुर को एक बड़ी सफलता मिली है। ऑनलाइन वित्तीय ठगी के मामले में अंतर-राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशन तथा एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने खुद को श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड, मुंबई का अधिकारी बताते हुए एक मेडिकल प्रोफेशनल को पीएम समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज दर पर 50 लाख का लोन दिलाने और 30 प्रतिशत छूट का लालच दिया। इसी बहाने 12 फरवरी 2024 से 29 सितंबर 2025 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर कुल 73 लाख 23 हजार रुपए की ठगी की गई। मामला थाना सकरी क्षेत्र से संबंधित है।
साइबर थाना जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खाते का उपयोग करते थे। गिरोह दिल्ली में किराए के मकान में रहकर फर्जी कॉल सेंटर की तरह आम लोगों को सरकारी योजनाओं का झांसा देता था और बैंक खातों में राशि जमा कराकर उसे निकाल लेता था।
पुलिस टीम की विशेष कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर अपराध क्रमांक 718/2025 धारा 318(4), 111(4) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत तकनीकी जांच की गई। ठगी की रकम प्राप्त करने वाले बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और साइबर क्राइम पोर्टल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की लोकेशन बिहार के वैशाली जिले में सामने आई।
इसी आधार पर निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में टीम बिहार भेजी गई, जहां लगातार दो दिन की पतासाजी के बाद विकास कुमार उर्फ विक्रम सिंह और अमन कुमार सिंह उर्फ पीयूष को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे और उनके अन्य साथी फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे। ठगी की राशि उन्हीं खातों में जमा कराई जाती थी, जिसके बाद रकम तुरंत निकाल ली जाती थी। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और रकम की बरामदगी की दिशा में आगे जांच कर रही है।
संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई
प्रकरण में साइबर थाना द्वारा संगठित अपराध धारा 111 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। साइबर पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आम लोगों को जागरूक रहने की ज़रूरत है और किसी भी सरकारी या वित्तीय योजना से संबंधित ऑफर आने पर आधिकारिक रूप से जानकारी सत्यापित करना अनिवार्य है।
साइबर पुलिस की चेतावनी
- किसी भी सरकारी योजना के नाम पर फोन आने पर तुरंत ऑफर स्वीकार न करें
- किसी भी लिंक, कॉल या खाते में पैसे ट्रांसफर न करें
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संदेह होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें


