बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) के बीएससी फिजिक्स के छात्र अर्सलान अंसारी की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर गरमाने लगा है। मृतक अर्सलान के पिता अरशद अयूब अंसारी और अन्य परिजन बिहार से बिलासपुर पहुंचे और पुलिस की अब तक की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए। परिजनों ने खुलकर आरोप लगाया कि अर्सलान की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है, और जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि अर्सलान 21 अक्टूबर से लापता था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों की ओर से लापरवाही बरती गई।
दो दिन बाद—23 अक्टूबर 2025 को अर्सलान का शव विश्वविद्यालय परिसर स्थित तालाब में मिला।
परिजनों का आरोप है कि:
- उसकी मौत के हालात संदिग्ध हैं
- कई परिस्थितिजन्य साक्ष्य हत्या की ओर इशारा करते हैं
- पुलिस शुरुआती जांच में आवश्यक धाराएं जोड़ने में भी असफल रही
अर्सलान के पिता अरशद अयूब अंसारी ने कहा कि यह साधारण मौत नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि दर्ज एफआईआर में हत्या (धारा 302) जैसी गंभीर धाराएं शामिल की जाएं, ताकि मामले की दिशा सही तरीके से तय हो सके। परिजनों ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में पुलिस ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया है, जिससे संदेह और बढ़ जाता है।
परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि
- घटना के दौरान और बाद में GGU प्रशासन ने सहयोग नहीं किया
- छात्र के लापता होने के बाद भी तत्काल गंभीरता नहीं दिखाई गई
- सूचना साझा करने में भी खुलापन नहीं रहा
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो शायद हालात अलग हो सकते थे।
अपनी पीड़ा और आशंकाओं को लेकर परिजन बिलासपुर एसएसपी से मिले। उन्होंने मांग की कि
- मामले की फिर से विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जाए
- संभावित हत्या के एंगल को केंद्र में रखकर जांच हो
- जांच किसी उच्च स्तरीय टीम को सौंपी जाए ताकि सभी तथ्य उजागर हों
एसएसपी ने परिजनों की बात सुनी है और मामले का पुन: परीक्षण करने का आश्वासन दिया है।
विश्वविद्यालय के छात्रों में भी इस घटना को लेकर चिंता है। कई छात्र संगठनों ने पहले ही पारदर्शी जांच की मांग उठाई थी। अब परिजनों के आरोपों के बाद दबाव और बढ़ सकता है।
मामले के प्रमुख तथ्य
- मृतक: अर्सलान अंसारी, बीएससी फिजिक्स छात्र
- संस्था: गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU), बिलासपुर
- लापता: 21 अक्टूबर 2025
- शव बरामद: 23 अक्टूबर 2025 (कैंपस तालाब)
- परिजनों का आरोप: हत्या, लापरवाही, गलत दिशा में जांच
- पुलिस के सामने मांग: हत्या की धारा जोड़कर पुनः जांच
अर्सलान की मौत ने विश्वविद्यालय सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक संवेदनशीलता और जांच प्रक्रिया—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और छात्र लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। मामले की अगली कार्रवाई पर अब पूरे शहर की नजरें टिकी हैं।


