बिलासपुर। नगर पालिका बोदरी में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को उप अभियंता उपाध्याय के सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी सहायक पर आरोप है कि वह भवन नक्शा पास कराने के नाम पर आवेदकों से अवैध रूप से रकम वसूल रहा था और इस पूरे खेल में कार्यालय के बाबू की भी भूमिका बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित आवेदक से भवन निर्माण के नक्शे को स्वीकृत करने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी से इसकी लिखित शिकायत की। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी की टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी ने तय रकम ली, एसीबी टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगेहाथ धर दबोचा।
एसीबी की इस कार्रवाई से नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप मच गया। अचानक हुई छापेमारी के दौरान कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। टीम ने मौके से संबंधित दस्तावेज, फाइलें और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी की टीम ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से भी पूछताछ की है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या फिर इसके पीछे संगठित तरीके से चल रहा पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नगर पालिका बोदरी में हुई यह कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। इसे सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आम नागरिकों में इस कार्रवाई के बाद यह भरोसा भी जगा है कि शिकायत करने पर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।


