बिलासपुर, 26 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर में एनटीपीसी सीपत द्वारा लगभग 7.19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। यह पहल न केवल जिले बल्कि पूरे संभाग के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मानी जा रही है।
इस सीएसआर परियोजना के तहत दो प्रमुख संस्थानों—कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स)—को अत्याधुनिक मशीनों और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित किया गया है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एनटीपीसी सीपत द्वारा लगभग 4.27 करोड़ रुपये की सहायता से स्थापित रक्त केंद्र इस परियोजना का मुख्य आकर्षण रहा। यह छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला अत्याधुनिक ब्लड बैंक है, जिसमें विश्वस्तरीय मशीनें लगाई गई हैं। यहां माइक्रोबायोलॉजी लैब, हार्मोन लैब और एआई-आधारित माइक्रोस्कोपी जैसी उन्नत सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
इस ब्लड बैंक की खासियत यह है कि यहां पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत और ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। साथ ही एसडीपी (Single Donor Platelet) की सुविधा उपलब्ध होने से कैंसर, डेंगू और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
सिम्स, बिलासपुर को भी इस सीएसआर पहल के तहत लगभग 2.92 करोड़ रुपये की लागत से 8 विभागों के लिए 26 अत्याधुनिक मशीनें प्रदान की गई हैं। इनमें हाई-एंड कलर डॉप्लर, ऑटोमैटिक केमिल्यूमिनेसेंस, एचपीएलसी, सी-आर्म, ओटी टेबल, डेंटल चेयर, मॉर्चुरी फ्रीजर और फ्रैक्शनल लेजर सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण तकनीक शामिल हैं।
इन मशीनों के आने से जटिल बीमारियों की जांच और उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों और उन्नत सुविधाओं से मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन और सिम्स के विशेषज्ञों ने भी इस सहयोग को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और उपचार—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस पहल का सीधा लाभ बिलासपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों के लाखों लोगों को मिलेगा। अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों के कारण अब गंभीर बीमारियों की पहचान और इलाज तेजी से संभव होगा।
कुल मिलाकर, एनटीपीसी सीपत की यह सीएसआर पहल सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मजबूत हस्तक्षेप है, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में आगे ले जाएगा।


