Homeराजनीतिसड़क या समंदर? बदहाल सड़क पर 'मछली मार' आंदोलन, विकास के दावों...

सड़क या समंदर? बदहाल सड़क पर ‘मछली मार’ आंदोलन, विकास के दावों को कांग्रेस ने यूं दी चुनौती…

बिलासपुर/बिल्हा। अगर किसी सड़क पर लोग बाइक या कार चलाने के बजाय मछली पकड़ने का जाल लेकर उतर जाएं, तो समझिए समस्या सिर्फ गड्ढों की नहीं, बल्कि व्यवस्था की है। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के नगपुरा-धमनी-सेंवार-कड़ार से झाल तक जाने वाली मुख्य सड़क पर मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सड़क पर भरे बारिश के पानी और गहरे गड्ढों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने ‘मछली मार’ का अनोखा प्रदर्शन कर सरकार और स्थानीय विधायक पर सीधा हमला बोला।

पहली ही मानसूनी बारिश ने इस सड़क की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। वर्षों से मरम्मत और निर्माण की बाट जोह रही यह सड़क अब सड़क कम, तालाब ज्यादा नजर आने लगी है। जगह-जगह दो फीट तक गहरे गड्ढे, उनमें भरा पानी और हर पल हादसे का खतरा स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में कांग्रेस ने इस बदहाली को प्रतीकात्मक तरीके से जनता के सामने रखने के लिए सड़क पर जाल डालकर मछली पकड़ने का प्रदर्शन किया, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

प्रदर्शन के दौरान “सड़क है या तालाब, विधायक जी दो जवाब” और “कौशिक जी की कैसी माया, सड़क को ही तालाब बनाया” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस सड़क से प्रतिदिन हजारों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं और किसान गुजरते हैं, उसकी यह स्थिति सरकार के विकास मॉडल पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष सुनील साहू ने आरोप लगाया कि यह मार्ग पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है, लेकिन लंबे समय से इसकी अनदेखी की जा रही है। बारिश के बाद हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा तक नहीं लग पाता और आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।

वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने स्थानीय भाजपा विधायक धर्मलाल कौशिक पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के बाद जनता की समस्याएं उनकी प्राथमिकता से बाहर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोगों को सड़क के बजाय तालाब जैसी स्थिति से होकर गुजरना पड़ रहा है।

यह विरोध सिर्फ एक सड़क की मरम्मत की मांग नहीं था, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ सवाल भी था, जो हर चुनाव में विकास के वादे तो करती है, लेकिन बरसात की पहली बारिश ही उन दावों की परतें उधेड़ देती है। सड़क पर मछली मारने का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताता है कि जनता अब अपनी समस्याओं को नए और प्रभावी तरीके से सामने ला रही है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि नगपुरा-धमनी-सेंवार-कड़ार-झाल मार्ग का शीघ्र निर्माण और सुधारीकरण शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि सरकार और जनप्रतिनिधि इस विरोध को केवल राजनीतिक प्रदर्शन मानते हैं या इसे उन हजारों लोगों की वास्तविक पीड़ा समझते हैं, जो रोज इसी बदहाल सड़क पर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

इस दौरान प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग विभाग सुनील साहू, तिफरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू, बिल्हा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक, जिला महामंत्री मिश्रा गाँधी बंजारे, शिव यादव, महेश ठाकुर, मंडल अध्यक्ष हजारी भारद्वाज, ब्रजेश दुबे, डेरिहा कांत, राहुल राजपूत, वासु निर्मलकर, अनिल चेलकर, कुणाल मरकाम, राहुल भारद्वाज, कुंदन साहू, पिंटू रजक, सीकेश मरकाम, साहिल टंडन सहित स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी, भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts