बिलासपुर। बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मुड़पार गांव के पास धान की रोपाई के लिए जा रहे मजदूरों से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर के नीचे दबने से दो महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, मूड़पार निवासी चंद्रशेखर पटेल ट्रैक्टर में करीब 19 मजदूरों को बैठाकर खेत में धान की रोपाई कराने ले जा रहा था। बताया जा रहा है कि जिस ट्रैक्टर से हादसा हुआ, वह सकर्रा के सरपंच के नाम पर पंजीकृत है और सभी मजदूर सरपंच के खेत में रोपा लगाने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में था। मुड़पार के पास चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया।
ट्रैक्टर पलटते ही उसमें सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। हादसे में बम्लेश्वरी निषाद और मथरा निषाद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छह अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही हिर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में हादसे की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना सामने आ रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रैक्टर में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक लोगों को बैठाकर क्यों ले जाया जा रहा था। चालक चंद्रशेखर पटेल की भूमिका के साथ-साथ ट्रैक्टर मालिक और मजदूरों के परिवहन में सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक मजदूरों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन हर साल ऐसे हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन लेते हैं। बावजूद इसके सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार जारी है। सवाल यह है कि आखिर मजदूरों की जान जोखिम में डालकर खुलेआम ट्रैक्टरों में क्षमता से अधिक लोगों को ढोने पर रोक क्यों नहीं लग पा रही?
इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


