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NEET पेपर लीक की सियासी जंग छत्तीसगढ़ पहुंची: रायपुर बना रणक्षेत्र, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, वाटर कैनन और आंसू गैस के बीच 16 पुलिसकर्मी घायल…

रायपुर। देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर छिड़ा राजनीतिक संग्राम अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है। गुरुवार को राजधानी का राजनीतिक माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ सड़क पर उतर आए। दोनों दलों ने एक-दूसरे के दफ्तरों का घेराव किया, जिसके चलते हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पूरे घटनाक्रम में 16 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राजधानी में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। इस प्रदर्शन में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, कई विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नारेबाजी भी होती रही।

उधर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कांग्रेस भवन में डटे रहे और भाजपा के विरोध में नारे लगाते रहे। इसी बीच कांग्रेस ने भी भाजपा कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ के घेराव का कार्यक्रम चलाया। राजधानी की सड़कों पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थकों के आमने-सामने आने से माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा।

पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायल जवानों का हालचाल जाना। अधिकारियों से उपचार की जानकारी लेने के बाद उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिससे कई जवान चोटिल हुए।

हालांकि कांग्रेस ने पुलिस और भाजपा पर उल्टे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ने अचानक कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उनका आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पत्थर, चप्पल और पानी के पाउच फेंके तथा कांग्रेस भवन में मौजूद कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया। कांग्रेस का यह भी आरोप है कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले भाजपा की बजाय कांग्रेस की ओर छोड़े। पार्टी ने प्रदर्शन में शामिल मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील की है।

वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन अराजकता फैलाने का नहीं। उनके अनुसार आंदोलन के नाम पर संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।

NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देशभर में बड़े राजनीतिक टकराव का कारण बन चुका है। रायपुर की घटना ने यह साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जिम्मेदारी तय करने में जुट गई है।

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