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राखी के धागे में साइबर सुरक्षा का संदेश, बिलासपुर पुलिस ने राहगीरों की कलाई पर बांधा “साइबर जागृति रक्षा सूत्र”…

बिलासपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व को बिलासपुर पुलिस ने इस बार साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़ दिया। भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के प्रतीक राखी को पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता का माध्यम बनाया। शहर के प्रमुख सिग्नल चौक-चौराहों पर महिला पुलिसकर्मियों ने आने-जाने वाले नागरिकों की कलाई पर “साइबर जागृति रक्षा सूत्र” बांधा और उन्हें डिजिटल ठगी से बचने का संकल्प दिलाया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत महाराणा प्रताप चौक, नेहरू चौक सहित शहर के विभिन्न सिग्नल वाले चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मी लोगों को रोककर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते नजर आए। राखी बांधने के साथ ही पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे और उससे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी।

इस अभियान में पुलिस के साथ NCC के बच्चों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर भागीदारी निभाई। NCC कैडेट्स ने नागरिकों को रक्षा सूत्र बांधते हुए साइबर जागरूकता का संदेश दिया और लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग अथवा निजी जानकारी साझा न करें।

पुलिस के अनुसार रक्षाबंधन पर्व के पूर्व दो दिनों में ही जिले में करीब 1 लाख 85 हजार साइबर जागृति रक्षा सूत्र नागरिकों की कलाई पर बांधे जा चुके हैं। यह अभियान जिले के 17 थानों और 4 चौकियों, यातायात पुलिस एवं महिला थाना सहित सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। रक्षाबंधन के दिन भी यह अभियान जारी रहा।

पुलिस ने बताया कि “साइबर जागृति रक्षा सूत्र” केवल राखी नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता का संकल्प है। जिस तरह राखी सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है, उसी तरह यह रक्षा सूत्र नागरिकों को साइबर दुनिया में सावधान रहने की याद दिला रहा है।

अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने नागरिकों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी कॉल, बैंक अधिकारी बनकर फोन, KYC अपडेट, OTP, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन निवेश, सोशल मीडिया और फर्जी APK या एप्लीकेशन के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

पुलिस ने नागरिकों को साफ चेतावनी दी कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और मोबाइल में किसी संदिग्ध APK या एप्लीकेशन को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल करने से बचें।

रक्षाबंधन पर बिलासपुर पुलिस की यह पहल शहर में चर्चा का विषय बनी रही। आमतौर पर सिग्नल पर कुछ पल रुकने वाले लोगों के लिए इस बार वही कुछ पल साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए। कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र लोगों को यह याद दिलाता रहा कि रिश्तों की सुरक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी डिजिटल दुनिया में अपनी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी की सुरक्षा भी है।

बिलासपुर पुलिस का संदेश साफ है—राखी की तरह अपने डिजिटल जीवन की सुरक्षा का धागा भी मजबूत रखें, क्योंकि साइबर अपराधियों से बचाव में सबसे बड़ा हथियार आपकी सतर्कता है।

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