बिलासपुर। बेरोजगार युवाओं को नौकरी का सपना दिखाकर रकम ऐंठने वाले एक आरोपी को मोपका पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली लोगों से अच्छी पहचान वाला बताकर एनटीपीसी में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और अलग-अलग लोगों से हजारों रुपये वसूल लिए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मामला चौकी मोपका, थाना सरकंडा क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार लगरा निवासी रथ लाल लहरी ने 14 सितंबर 2026 को लिखित शिकायत देकर बताया कि उसने 12वीं और आईटीआई तक पढ़ाई की है। गांव का ही सुमित केंवट पिता राजकुमार केवट, उम्र 28 वर्ष, जुलाई 2025 में उसके संपर्क में आया और दावा किया कि उसकी नेताओं से अच्छी जान-पहचान है तथा वह एनटीपीसी में नौकरी लगवा सकता है।
नौकरी की बात पर भरोसा कर रथ लाल ने आरोपी को तत्काल 34 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से दे दिए। इसके साथ ही उसने अपने आईटीआई और स्कूली प्रमाण-पत्र भी आरोपी को सौंप दिए। नौकरी नहीं लगी और मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अन्य लोगों को भी नौकरी का लालच देकर रकम ली थी।
पुलिस के मुताबिक फरहदा निवासी विमल केंवट से 65 हजार रुपये, कंचनपुर निवासी ईश्वर केंवट से 50 हजार रुपये, कंचनपुर निवासी संजय केंवट से 40 हजार रुपये तथा लगरा निवासी सूर्य प्रकाश केंवट से 24 हजार रुपये नौकरी लगाने के नाम पर लिए गए।
इस तरह अलग-अलग लोगों से नौकरी के नाम पर रकम वसूलने का मामला सामने आया। शिकायत पर मोपका चौकी पुलिस ने अपराध क्रमांक 1322/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपी सुमित केंवट को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी बेरोजगार युवाओं की मजबूरी और उम्मीद का फायदा उठाकर की जाती है। इस मामले में भी आरोपी द्वारा प्रभावशाली लोगों से पहचान होने का दावा कर एनटीपीसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया गया और इसी भरोसे के आधार पर रकम व दस्तावेज लिए गए। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


