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‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से कांग्रेस ने तेज की सियासी तैयारी, शैलेश नितिन त्रिवेदी का भाजपा और RSS पर तीखा हमला…

बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं की बैठक लेकर अभियान की समीक्षा, 27 अक्टूबर से दूसरे चरण का आगाज; 1 नवंबर की दिल्ली रैली में छत्तीसगढ़ से बड़ी भागीदारी की तैयारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस द्वारा बिलासपुर शहर के लिए अभियान का प्रभारी नियुक्त किए गए शैलेश नितिन त्रिवेदी बिलासपुर पहुंचे। यहां उन्होंने शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों, पूर्व विधायकों, विधायक प्रत्याशियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के दो दिवसीय बिलासपुर दौरे को लेकर भी त्रिवेदी ने भाजपा और संघ की विचारधारा पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समन्वय और सामाजिक सद्भाव की बातें करने वालों के विचारों और उनके कार्यकर्ताओं के आचरण में अंतर दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि मोहन भागवत के दौरे से भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलेगा या नुकसान, यह भविष्य बताएगा, लेकिन किसानों और मजदूरों को इससे कोई लाभ नहीं होने वाला।

बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के बाद शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण की शुरुआत 27 अक्टूबर को होने वाली पत्रकार वार्ता और संगठनात्मक बैठकों के साथ होगी। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से नव किशोर पटनायक को बिलासपुर का प्रभारी बनाया गया है। वे 27 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे। यहां सबसे पहले मीडिया से चर्चा करेंगे। इसके बाद शहर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। दोपहर बाद ग्रामीण कांग्रेस की बैठक लेकर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी।

नव किशोर पटनायक का इसके बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कोरबा जिले का दौरा प्रस्तावित है। वे कोरबा शहर, कोरबा ग्रामीण और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला कांग्रेस के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

कांग्रेस की आगामी रणनीति में 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की राष्ट्रीय रैली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि इस रैली में देशभर से कांग्रेस और गठबंधन के नेता-कार्यकर्ता शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिलासपुर से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि रैली और अभियान की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखदेव भगत द्वारा भी सभी जिलों के पर्यवेक्षकों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ ऑनलाइन बैठक निर्धारित की गई है। त्रिवेदी ने कहा कि वे बलौदाबाजार से बिलासपुर पहुंचे हैं और वहां भी बैठक आयोजित की गई है। उनके मुताबिक, अभियान को सफल बनाने के लिए कांग्रेस का संगठन लगातार सक्रिय है।

त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री एवं AICC सचिव भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।

RSS प्रमुख मोहन भागवत के बिलासपुर दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलेश नितिन त्रिवेदी ने संघ और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल ही में विदेश दौरे के दौरान मोहन भागवत ने सभी धर्मों के बीच समन्वय और सद्भाव की बातें की थीं, लेकिन उनके मुताबिक, संघ की विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं की गतिविधियां इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं।

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि RSS और भाजपा का कथन और आचरण अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में भी ऐसी गतिविधियां सामने आती रही हैं, जिनसे उनके अनुसार इस अंतर को समझा जा सकता है।

मोहन भागवत के दौरे से भाजपा को चुनावी लाभ मिलने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ उठाने में विश्वास रखने वाला दल है। हालांकि, भागवत के दौरे से पार्टी को फायदा होगा या नुकसान, यह आने वाला समय बताएगा।

RSS प्रमुख के दौरे पर राजनीतिक बयानबाजी के बीच त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों का धान पककर तैयार है, लेकिन भाजपा सरकार उसकी खरीदी नहीं कर रही है। ऐसे में केवल बड़े नेताओं के दौरे से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला।

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत के दौरे से न तो किसानों को कोई प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और न ही मजदूरों की समस्याएं दूर होंगी। त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के मुद्दों पर ठोस कार्रवाई होगी।

हालांकि, धान खरीदी को लेकर त्रिवेदी के आरोपों और सरकार की तैयारियों के संबंध में संबंधित सरकारी पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।

बिलासपुर में कांग्रेस की बैठक और आगामी कार्यक्रमों से साफ है कि पार्टी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए संगठन को ब्लॉक स्तर तक सक्रिय करने और राष्ट्रीय मुद्दों को स्थानीय राजनीतिक विमर्श से जोड़ने की तैयारी में है। 27 अक्टूबर की बैठकों के बाद अभियान की दिशा और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

एक ओर कांग्रेस मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर RSS प्रमुख के दौरे को लेकर भाजपा पर राजनीतिक हमला भी तेज कर रही है। ऐसे में बिलासपुर का यह दौरा केवल संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की सियासत में कांग्रेस की आगामी रणनीति और भाजपा के खिलाफ उसके तेवर का संकेत भी बनकर सामने आया।

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