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बिलासपुर: कोयला कारोबार में टैक्स चोरी और कथित लेवी के शक पर EOW-ACB का बड़ा शिकंजा, सुबह-सुबह अलका एवेन्यू में छापा, दस्तावेजों से लेकर मोबाइल-कंप्यूटर तक खंगाल रही संयुक्त टीम…

बिलासपुर में कोयला कारोबारी के ठिकाने पर EOW और ACB की संयुक्त दबिश, रायपुर-कोरबा सहित कई जिलों में एक साथ कार्रवाई से कोयला कारोबारियों में मचा हड़कंप

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कोयला कारोबार में कथित टैक्स चोरी, आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में एक साथ छापेमारी कर कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी। रायपुर, कोरबा और बिलासपुर में एक साथ शुरू हुई इस कार्रवाई ने कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच खलबली मचा दी है।
बिलासपुर में जांच एजेंसियों की टीम ने उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के ठिकाने पर दबिश दी। सुबह जब शहर के अधिकांश लोग नींद से जाग भी नहीं पाए थे, तभी रायपुर से पहुंची जांच टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ परिसर में प्रवेश किया। आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम ने अंदर पहुंचने के बाद बाहर से दरवाजा बंद कर जांच शुरू कर दी। कार्रवाई की गोपनीयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के लोगों को भी शुरुआत में इसकी भनक तक नहीं लगी।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कारोबारी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन की फाइलों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल शुरू की। कंप्यूटर, मोबाइल फोन और डिजिटल माध्यमों में उपलब्ध जानकारियों की भी जांच की जा रही है। घर के सदस्यों से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच टीम का फोकस ऐसे दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों पर बताया जा रहा है, जिनसे कारोबार के वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

हालांकि, छापेमारी में अब तक कितनी नकदी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री मिली है, इसे लेकर जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं किया है। इसलिए कार्रवाई के परिणाम और बरामदगी को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त कार्रवाई में EOW और ACB अपने-अपने अधिकार क्षेत्र से जुड़े आर्थिक अपराधों और कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही हैं। EOW की टीम आर्थिक लेन-देन और वित्तीय दस्तावेजों की जांच में जुटी है, जबकि ACB की जांच में कोयला कारोबार से जुड़े कथित लेवी और भ्रष्टाचार के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोयला कारोबार में वित्तीय लेन-देन का वास्तविक स्वरूप क्या रहा है और कहीं कारोबार की आड़ में अवैध आर्थिक गतिविधियों को तो अंजाम नहीं दिया गया। हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी।

रायपुर, कोरबा और बिलासपुर में एक साथ हुई कार्रवाई को कोयला कारोबार से जुड़े आर्थिक मामलों की गंभीर जांच के तौर पर देखा जा रहा है। बिलासपुर में शाहबाज खान के ठिकाने पर दबिश के बाद अब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में किन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से क्या तथ्य सामने आते हैं? क्या कथित टैक्स चोरी और लेवी के आरोपों से जुड़े आर्थिक लेन-देन की परतें खुलेंगी? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच एजेंसियों की पड़ताल और आगे की कार्रवाई पर निर्भर है।

फिलहाल अलका एवेन्यू में जांच जारी है और संयुक्त टीम हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है। इस कार्रवाई के नतीजे सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कोयला कारोबार से जुड़े कथित आर्थिक अपराधों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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