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राहुल गांधी के मार्च से पहले बिलासपुर में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, ‘लोकतंत्र बचाओ’ के नाम पर कांग्रेस पर तीखा हमला; हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरे केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता

बिलासपुर में गांधी चौक से नेहरू चौक तक गूंजे सियासी नारे, वीरेंद्र कुमार खटीक ने EVM और वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा, विपक्ष पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप

बिलासपुर। राहुल गांधी के 1 नवंबर को प्रस्तावित मार्च से पहले भाजपा ने शुक्रवार को बिलासपुर में अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक के नेतृत्व में निकली ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हजारों भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। केंद्रीय मंत्रियों, उप मुख्यमंत्री, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च के जवाब में भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में बदल दिया। शहर की सड़कों पर गूंजते नारों के बीच भाजपा ने कांग्रेस की राजनीति, EVM पर सवालों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर तीखा हमला बोला।

पदयात्रा दोपहर 3 बजे गांधी चौक स्थित गवर्नमेंट स्कूल से शुरू हुई। इसमें केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं की भीड़ ने भाजपा के इस आयोजन को शहर की बड़ी राजनीतिक गतिविधि बना दिया।

गांधी चौक से शुरू हुई पदयात्रा हटरी चौक, सिटी कोतवाली चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, करोना चौक और सिम्स चौराहे से होते हुए पंडित देवकीनंदन चौक पहुंची। यहां से रैली नेहरू चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। पूरे रास्ते भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और लोकतंत्र बचाने तथा कथित अराजकता के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने EVM को लेकर कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव हारती है तो EVM पर सवाल उठाने लगती है और वोट चोरी के आरोप लगाती है, लेकिन जब किसी राज्य में चुनाव जीतती है तो यही सवाल कहीं दिखाई नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और राजनीतिक लाभ के लिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं ने भी सभा में विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्रहित में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

राहुल गांधी के प्रस्तावित मार्च से ठीक पहले भाजपा की इस पदयात्रा को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस जहां अपने मार्च के जरिए चुनावी प्रक्रिया और वोट चोरी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा ने जवाबी पदयात्रा निकालकर विपक्ष के आरोपों को चुनौती देने की कोशिश की है।

बिलासपुर की सड़कों पर उतरी भाजपा की इस भीड़ ने साफ कर दिया कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अब एक-दूसरे के अभियानों का जवाब सड़क पर देने की रणनीति अपना रहे हैं। लोकतंत्र, चुनावी पारदर्शिता और वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दे अब राजनीतिक टकराव के केंद्र में हैं। ऐसे में 1 नवंबर को राहुल गांधी के प्रस्तावित मार्च पर सबकी निगाहें टिकी हैं। देखना होगा कि कांग्रेस का यह मार्च भाजपा की पदयात्रा के मुकाबले कितना राजनीतिक प्रभाव छोड़ता है और बिलासपुर की सियासत को किस दिशा में ले जाता है।

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