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नारीशक्ति पंचायत संघ के प्रयासों से मिलने लगा निर्वाचीत महिलाओ को अधिकार व सम्मान

नारीशक्ति पंचायत संघ के प्रयासों से मिलने लगा निर्वाचीत महिलाओ को अधिकार व सम्मान
पंचायत राज अधिनियम के 73वे संसोधन के आधार पर महिलाओं को प्राप्त आरक्षण से मिले अधिकार को लेने आज बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मस्तूरी नारी शक्ति पंचायत संघ की संरक्षण हेमलता साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रो में महिला सरपंचों के पतियो और पुरुष रिश्तेदारों की भूमिका के विरोध में संघ के माध्यम से महिला पंच एवं सरपंच के अधिकारों को दिलाने में विशेष भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से लेकर वर्तमान समय मे 57% महिलायें निर्वाचित हुई है जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यही नही निर्वाचित होने वाली महिलाओं के शोषण और परेशानियों को ध्यान में रख कर छत्तीसगढ़ विधान सभा मे नारी शक्ति पंचयत संघ के बैनर तले हस्ताक्षर अभियान के तहत महिला सरपंच एवं पंच पति जैसी समस्या के निवारण की ओर पहल की जिसपर राज्य शासन ने उक्त समस्या के खिलाफ निर्वाचित महिलाओ को पूरा अधिकार दिलाने में सराहनीय कदम उठाते हुए उन्हें पूर्णता स्वतंत्र रखा और प्रत्येक कार्यो के लिए उन्हें सक्षम माना है। श्रीमती साहू ने बताया कि किसी भी क्षेत्र से निर्वाचित महिलाओ के पति उक्त क्षेत्र में स्वमं को पंच सरपंच समझते थे। जिसे नारी शक्ति पंचायत संघ ने समाप्त कर्म में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने वर्तमान में शासन से 11 सूत्रीय मांगों को रखा है जिससे इस पहल को सुव्यवस्थित और शक्तिशाली बनाया जा सके जिससे महिलाओ को होने वाली समस्याओं से निपटने में आसानी होगी। नारीशक्ति पंचायत संघ के उद्देश्य को देखते हुए प्रमुखता से 3 सौ पंच और 30 सरपंच महिलाओ ने एक साथ इसमें शामिल होकर नारीशक्ति को सुदृण बनाने में अपना पूरा योगदान दिया है।
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