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ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा सीसीटीवी निगरानी में, बार-बार नियम तोड़ने पर कैंसल होगा लाइसेंस…30 लाख फर्जी डीएल होंगे रद्द…

ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए देशभर में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाना अब संभव होगा। सरकार डीएल को आधार नंबर से जोड़ने की तैयार कर रही है। साथ ही, लर्निंग डीएल के लिए सीसीटीवी की निगरानी में ऑनलाइन परीक्षा की व्यवस्था होगी। मोटर वाहन संशोधन विधेयक-2019 में ये प्रावधान किए गए हैं। लोकसभा में मंगलवार को यह विधेयक पारित हो गया।

30 लाख फर्जी डीएल रद्द होंगे

परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि आधार कार्ड को डीएल बनाने की प्रक्रिया से जोड़ने पर फर्जी लाइसेंस बनने बंद हो जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 30 लाख फर्जी डीएल लेकर वाहन चलाए जा रहे हैं। व्यावसायिक वाहनों को चलाने में इसका अधिक इस्तेमाल होता है। ड्राइवर अलग-अलग राज्यों से कई फर्जी लाइसेंस बनवा लेते हैं। आधार से जुड़ने के बाद ये फर्जी डीएल रद्द हो जांएगे।

बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस निरस्त होगा

विधेयक में बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का डीएल रद्द करने का भी प्रावधान है। वाहन भी छह माह के लिए जब्त होगा। इसके अलावा, शराब पीकर वाहन चलाना, कार र्रेंसग करना, हेलमेट न पहनने, ओवर लोडिंग, मोबाइल पर बात करना और एबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नाबालिग के वाहन चलाने पर वाहन मालिक या अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्यों के अधिकारों में दखल नहीं: गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि नई मोटर वाहन नीति में राज्यों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। लोकसभा में मंगलवार को मोटर वाहन संशोधन विधेयक-2019 पर चर्चा का जवाब देते हुए गडकरी ने राज्यों के अधिकारों में दखल देने को लेकर विपक्षी सदस्यों र्की चिंता दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों को लागू करना या न करना राज्यों की इच्छा पर निर्भर करेगा। विधेयक में किए गए प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं। इन सिफारिशों की संसद की स्थायी समिति ने भी जांच परख की है।