छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ / विदाई से पहले पूरे प्रदेश में जमकर बरसे बादल किसान बोले- फसल बर्बाद होने का खतरा टला

अगले तीन-चार दिन तक और हो सकती है बरसात, तापमान गिरा

बिलासपुर . मानसून की विदाई से पहले बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल जमकर बरसे। इस बारिश सेे कई जगहों पर पानी की कमी पूरी हो गई। इसके बाद किसानों ने कहा कि अब फसल बर्बाद होने का खतरा टल गया है। बिलासपुर में मंगलवार की शाम से ही शहर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। 24 घंटे में शहर करीब तीन सेंटीमीटर वर्षा हुई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार को भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। बिलासपुर जिले में अब तक 976.3 मिमी वर्षा हुई है। जबकि पिछले साल 24 सितंबर तक 763.6 मिमी बारिश हुई थी। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में 212.7 मिमी यानी आठ इंच से अधिक वर्षा हो चुकी है। माैसम वैज्ञानिकाें के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तीन से चारों दिनों तक बारिश होने की संभावना है।

रायगढ़ जिले में अच्छी बारिश से जिले का कोटा पूरा हो चुका है। अबतक साढ़े 49 इंच बारिश हो चुकी है, जो औसत से डेढ़ इंच ज्यादा है। पिछले पांच सालों में सितंबर की बात करें तो ऐसा पहली बार हुआ है, जब बादल 14 दिन में लगभग 15 इंच बरसे हैं। 5 सितंबर को सबसे ज्यादा साढ़े 6 इंच बारिश हुई है।

  • बैकुंठपुर में मंगलवार शाम से शुरू हुई बारिश बुधवार को देर शाम तक जारी रही। बीते 24 घंटे में 27.6 एमएम बारिश जिले में दर्ज की गई है।
  • बारिश के कारण जिले का तापमान 30 डिग्री से घटकर 23 डिग्री पहुंच गया है, दिन के तापमान में 7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

अंबिकापुर| यह तस्वीर मैनपाट स्थित टाइंगर प्वाइंट की है। बुधवार को पूरे दिन हुई तेज बारिश के कारण इस झरने का देखने लायक नजारा था। मैनपाट के पर्यटन में यह झरना अहम स्थान रखता है। यह झरना माड़ नदी पर है। नदी के उदगम स्थल से इसकी दूरी महज चार किलोमीटर है। लोगों का कहना है कि जब राजतंत्र था तब यहां टाइगरों का विचरण होता रहता था। यही वजह है कि इस झरने को टाइगर प्वांइट के नाम से जाना जाना है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में 100 मिलीमीटर से अधिक हुई बारिश के कारण यह झरना अपने सबाब पर है।

खिले किसानों के चेहरे : पटना | इन दिनों फसलों को पानी की आवश्यकता थी, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी, महीनों से किसान इसी तरह की बारिश का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार को अपरान्ह 3 बजे झमाझम बारिश शुरू हुई उसके बाद रुक रुक कर दिन भर बरसता रहा। रात में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए।

स्टॉप डैम में बह गए शिक्षक : दंतेवाड़ा | बारसूर थाना क्षेत्र के मुचनार की माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक राजूराम कश्यप मुंडेर नाला में बह गए। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। मुचनार की माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक राजूराम कश्यप मंगलवार को स्कूल से वापस लौट रहे थे। वे स्कूल से अपने घर झारापारा जा रहे थे। जो इसी गांव का एक पारा है। इस रास्ते पर पड़ने वाला स्टॉप डेम का पानी डेम के ऊपर से बह रहा था। खतरे को भांपते हुए, खेत में काम कर रहे एक बच्चे ने राजू को रोकने की भी कोशिश की। लेकिन वे माने नहीं। जोखिम उठाकर डेम को पार करने लगे।