मनोरंजन

गोल्डन ग्लोब अवार्ड 2023: राजामौली की RRR ने रचा इतिहास, नाटू नाटू गाने ने जीता बेस्ट सॉन्ग का अवार्ड…

गोल्डन ग्लोब 2023' में साउथ सिनेमा की सुपरहिट फिल्म आरआरआर ने इतिहास रच दिया है. फिल्म को तेलुगु गाने 'नातू नातू' के लिए बेस्ट

गोल्डन ग्लोब 2023′ में साउथ सिनेमा की सुपरहिट फिल्म आरआरआर ने इतिहास रच दिया है. फिल्म को तेलुगु गाने ‘नातू नातू’ के लिए बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का पुरस्कार मिला है. इस पुरस्कार की घोषणा सुनते ही आरआरआर की पूरी जीन अपनी सीट से उठ खड़ी हुई और तेज-तेज से चिल्लाने लगी. ‘गोल्डन ग्लोब 2023′ में आरआरआर को मिले इस पुरस्कार के वीडियो को आरआआर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है. फिल्म आरआरआर’ को पिछले साल मार्च में सिनेमा घरों में रिलीज़ किया गया था और यह वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है.

दुनिया के सबसे चर्चित अवॉर्ड शो ‘गोल्डन ग्लोब 2023’ का आगाज हो चुका है. हर साल की तरह इस साल की कई फिल्में मुकाबले में हैं. भारत की ओर से साउथ सिनेमा की ब्लॉकबस्टर फिल्म आरआरआर भी ‘गोल्डन ग्लोब 2023’ के नामांकन में है. ऐसे में फिल्म की पूरी टीम अवॉर्ड सेरेमनी में पहुंच चुकी है. सभी भारतीय परिधान में ‘गोल्डन ग्लोब 2023’ में पहुंचे हैं. लेकिन जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह आरआरआर के निर्देशक एसएस राजामौली है.

दिग्गज निर्देशक अवॉर्ड सेरेमनी में अपनी पत्नी रमा राजामौली के साथ पहुंचे हैं. इस दौरान रमा भारतीय साड़ी में दिखाई दीं. जबकि निर्देशक ब्लैक कुर्ता-छोती में पहुंचे हैं. इस पूरी ड्रेस में एसएस और रमा राजामौली का बेहद सादगी भरा अंदाज नजर आया. सोशल मीडिया पर साउथ सिनेमा के इस स्टार कपल की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. कई फैंस और फिल्मी सितारे तस्वीरों को खूब पसंद कर रहे हैं. साथ ही कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

आपको बता दें कि गोल्डन ग्लोब 2023′ पुरस्कार में फिल्म ‘आरआरआर’ को दो श्रेणियों में नामांकन मिला था, जिनमें एक ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म- गैर अंग्रेजी’ और दूसरा ‘सर्वश्रेष्ठ मूल गीत-चलचित्र’ शामिल हैं. खास बात यह है कि फिल्म ‘आरआरआर’ इस पुरस्कारों में नामांकन पाने वाली दो दशक से ज्यादा वक्त में पहली भारतीय फिल्म है. इससे पहले ‘विदेशी भाषा’ श्रेणी में फिल्मों ‘सालाम बॉम्बे!’ (1988) और ‘मॉनसून वेडिंग’ (2001). इन दोनों फिल्मों का निर्देशन मीरा नायर ने किया था. ये दोनों ही फिल्में ‘आरआरआर’ से पूरी तरह से अलग हैं.

 

राजामौली द्वारा निर्देशित ‘आरआरआर’ राष्ट्रवाद और भाईचारे पर आधारित है. इसमें मशहूर अभिनेता राम चरण और जूनियर एनटीआर मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म में इन दोनों वास्तविक जीवन के भारतीय क्रांतिकारियों अल्लूरी सीताराम राजू और कोमाराम भीम की भूमिका निभाई है. यह फिल्म स्वतंत्रता से पहले के दौर की काल्पनिक कहानी पर आधारित है.
‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म गैर अंग्रेजी’ श्रेणी में फिल्म ‘आरआरआर’ का मुकाबला कोरियाई रॉमांटिक फिल्म ‘डिसीज़न टू लीव’, जर्मनी की युद्ध के खिलाफ बनी फिल्म ‘ऑल क्वाइट ऑन दी वेस्टर्न फ्रंट’, अर्जेंटीना की ‘अर्जेंटीना 1985’ और फ्रांसीसी-डच की ‘क्लोज़’ से हुआ था.