बिलासपुर। शहर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राकेश शर्मा ने सिविल लाइन थाने में एक आवेदन देकर अपने मोबाइल नंबर के दुरुपयोग की गंभीर शिकायत की है। उनका आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य बना दिया। राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और भाजपा की सदस्यता से उनका कोई संबंध नहीं है।
राकेश शर्मा का कहना है कि यह पूरी तरह से झूठ और असत्य है, और उनके खिलाफ इस तरह की हरकत को वे सख्ती से निंदा करते हैं। उन्होंने इसे न केवल उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन पर हमला बताया, बल्कि इसे साजिश का एक हिस्सा करार दिया, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना हो सकता है। शर्मा का यह भी कहना है कि उन्होंने कभी भी भाजपा की सदस्यता के लिए कोई आवेदन नहीं किया है, और यह कार्य बिना उनकी सहमति या जानकारी के किया गया है।
राकेश शर्मा ने इस मामले को लेकर सरकार से जल्द से जल्द जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस तरह के कृत्यों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके अनुसार, यह न केवल उनके व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि यह चुनावी राजनीति में एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, जहां व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया जा सकता है।
शर्मा ने इस घटना के बाद जनता को सतर्क रहने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। उन्होंने अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इस प्रकार के साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
यह घटना साइबर सुरक्षा के महत्व और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आज के डिजिटल युग में, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग कर व्यक्ति की पहचान या राजनीतिक जुड़ाव के साथ छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध बन गया है। इस मामले में, सरकार और पुलिस को इस घटना की गहनता से जांच करनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
राकेश शर्मा की यह मांग न केवल उनके खुद के लिए न्याय की मांग है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा के प्रति एक मजबूत चेतावनी भी है।


