बिलासपुर

बिलासपुर में पुलिस अधीक्षक द्वारा त्योहारों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी: सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष जोर…

Special guidelines for festivals issued by Superintendent of Police in Bilaspur: Special emphasis on security and law and order...

बिलासपुर, 29 सितंबर 2024 – आगामी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों जैसे रास गरबा, जगराता, डांडिया, और दशहरा के मद्देनज़र, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, रजनेश सिंह (भारतीय पुलिस सेवा) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक बिलासा गुड़ी में सभी आयोजकों और समितियों के सदस्यों के साथ आयोजित की गई, जिसमें आगामी आयोजनों की सुरक्षा, शांति, और अनुशासन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।

मीटिंग के प्रमुख बिंदु:

बैठक में उच्च न्यायालय और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों पर जोर दिया:

1. भद्र आचरण का पालन: धार्मिक आयोजनों में अभद्र, फूहड़ या अश्लील गानों और नृत्य की अनुमति नहीं होगी। फिल्मी गानों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है, ताकि धार्मिक आयोजन अपनी गरिमा बनाए रखें।

2. ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग: ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न्यायालय और शासन की गाइडलाइन्स के अनुसार किया जाएगा, जिससे ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखा जा सके।

3. अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित: लाइसेंसी शस्त्र भी किसी आयोजन में प्रदर्शन के लिए नहीं लाए जाएंगे। इससे आयोजन के दौरान शांति बनी रहेगी।

4. नशे की हालत में प्रवेश निषेध: शराब या अन्य किसी नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिससे आयोजन में अनुशासन बना रहे।

5. अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों का प्रवेश निषेध: वालंटियर्स के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को पहचाना जाएगा जो पूर्व में किसी अपराध में संलिप्त रहे हों, और उन्हें आयोजन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

6. यातायात और पार्किंग व्यवस्था: प्रत्येक समिति की जिम्मेदारी होगी कि यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और पार्किंग की उचित व्यवस्था हो, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

7. प्रकाश व्यवस्था: कार्यक्रम स्थल और पार्किंग में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा, जिससे सुरक्षा बनी रहे।

8. सीसीटीवी और निगरानी: आयोजन स्थल और उसके आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, जिससे घटनाओं की पूरी रिकॉर्डिंग हो सके।

9. पहचान पत्र जांच: वालंटियर्स के माध्यम से कार्यक्रम में आने वाले व्यक्तियों के पहचान पत्र जांचे जाएंगे, ताकि अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश रोका जा सके।

10. आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता: भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थलों पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

11. विवाद की स्थिति में सूचना: आयोजन के दौरान किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित थानों के प्रभारी और अन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर आयोजकों के पास होने चाहिए।

12. वालंटियर्स का अच्छा व्यवहार: आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने वालंटियर्स को आने वाले लोगों से शालीन और विनम्र व्यवहार करने की सलाह दें।

13. निर्देशों का पालन अनिवार्य: यदि किसी आयोजन समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है और इसके कारण कोई कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए आयोजक स्वयं जिम्मेदार होंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक में बिलासपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन उमेश प्रसाद गुप्ता, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार, एसडीएम बिलासपुर पीयूष तिवारी, रक्षित केंद्र के अधिकारी एवं शहर के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

इस बैठक का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति, सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना था, जिससे त्योहारों का आनंद बिना किसी बाधा के लिया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने सभी आयोजकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और त्योहारों का सफल आयोजन हो सके।

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