Tuesday, January 13, 2026
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चुनावी सियासत का नया मोर्चा: निर्वाचन आयोग और भाजपा के निशाने पर छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ता व प्रतिबद्ध मतदाता?…विजय…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों एक नया भूचाल उठा हुआ है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और बेलतरा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी विजय केशरवानी ने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर गंभीर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रतिबद्ध वोटरों को सुनियोजित तरीके से टारगेट किया जा रहा है।

उनका दावा है कि यह सिर्फ़ “लापरवाही” नहीं बल्कि एक “मंसूबाबंद साज़िश” है, जिसके ज़रिए मतदाता सूची में फेरबदल करके कांग्रेस के जनाधार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

“मेरा नाम सैकड़ों किलोमीटर दूर भिलाई की मतदाता सूची में कैसे पहुंच गया?”

विजय केशरवानी ने पत्रकार वार्ता में दस्तावेज़ लहराते हुए कहा—
“हमारा पूरा परिवार सालों से नर्मदा नगर में रहता है। पार्षद, एमआईसी मेंबर से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी व युवा कांग्रेस में कई अहम ज़िम्मेदारियाँ निभाईं। विधानसभा चुनाव में नामांकन भरते समय से लेकर एसआईआर के दौरान तक हमने हर ज़रूरी दस्तावेज़ दिए। फिर भी मेरा नाम नर्मदा नगर से हटाकर भिलाई नगर के वार्ड 54 की सूची में डाल दिया गया। यह महज़ ग़लती नहीं, बल्कि पूरी तरह सोची-समझी चाल है।”

उन्होंने तंज भरे लहजे में पूछा—
“आख़िर किसको रातों-रात यह ख्याल आया कि मेरा नाम बिलासपुर से उठाकर भिलाई के वार्ड में डाल दिया जाए? कौन-सा बीएलओ मुझे सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर वेरिफाई कर आया था?”

“यह इत्तेफ़ाक़ नहीं, एक सियासी तदबीर है”

केशरवानी का आरोप है कि आयोग और भाजपा की “अंदरखाने की मिलीभगत” अब सतह पर साफ दिखाई देने लगी है।

उनके मुताबिक—
“अगर विधायक प्रत्याशी का नाम इस तरह बदल दिया जा सकता है, तो फिर एक आम कांग्रेस कार्यकर्ता या साधारण प्रतिबद्ध मतदाता की क्या बिसात? यह सिर्फ़ मेरी कहानी नहीं है, बल्कि कांग्रेस वोटरों को एक-एक करके कमजोर करने की नीयत से यह खेल खेला जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सजग होने की ज़रूरत है—
“अब भरोसा आयोग पर नहीं, बल्कि अपनी सतर्कता पर करना होगा। अपने, अपने परिवार और कांग्रेस के हर प्रतिबद्ध वोटर का नाम मतदाता सूची में चेक करना ज़रूरी है। समय रहते जागना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी।”

राहुल गांधी के दावों का हवाला—“बिहार में जो हुआ, वही स्क्रिप्ट अब छत्तीसगढ़ में”

विजय केशरवानी ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा—
“राहुल गांधी ने बिहार में वोट चोरी और मतदाता सूची से नाम गायब करने के ठोस सबूत पेश किए थे। ग्रामीणों को पत्रकारों के सामने लाकर दिखाया था कि कैसे मतदाताओं के नाम रातों-रात काट दिए गए। लोकसभा में जिन्होंने वोट डाला, विधानसभा में उन्हें एसआईआर के नाम पर बाहर कर दिया गया।”

उन्होंने कहा कि आज वही ‘स्क्रिप्ट’ छत्तीसगढ़ में दोहराई जा रही है—
“मैं खुद सबसे बड़ा सबूत बन गया हूँ। अगर मेरा नाम बिलासपुर से हटाकर भिलाई में जोड़ दिया गया, तो सोचिए आम कार्यकर्ताओं के साथ क्या-क्या हो सकता है।”

“साज़िश का पर्दाफाश ज़रूरी है”

उन्होंने अपील की—
“यह समय खामोश रहने का नहीं, बल्कि इस साज़िश का भांडा फोड़ने का है। शहर से गांव तक एक जागरूकता अभियान चलाना होगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को अवगत करवा दिया गया है और पार्टी इस दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है।”

केशरवानी का कहना है कि यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद—मतदान अधिकार—पर सीधा हमला है।

“अगर मेरा नाम गलत वार्ड में चढ़ सकता है, तो कल कोई भी घुसपैठिया साबित करार दे दिया जाएगा”

उन्होंने अंत में कहा—
“यह सिर्फ़ मतदाता सूची का मसला नहीं, बल्कि इरादों का मसला है। आज मेरा नाम बदला, कल मुझे घुसपैठिया बताकर चुनाव लड़ने तक से रोक दिया जाता। यह खेल अभी शुरू हुआ है… और हमें इसे अभी रोकना होगा।”

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