जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में गुरुवार देर रात हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। अज्ञात नकाबपोश बदमाशों द्वारा कांग्रेस नेता और सीमेंट-रेत व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसकर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में उनके बड़े बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस वारदात के बाद गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे, तभी देर रात तीन नकाबपोश बदमाश लूट की नीयत से उनके घर में घुस आए। घर में प्रवेश करते ही आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बना लिया और कमरों को बाहर से बंद कर दिया, ताकि कोई मदद के लिए बाहर न जा सके। इसके बाद बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में सम्मेलाल कश्यप के बड़े बेटे आयुष कश्यप को दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटे बेटे आशुतोष कश्यप के दाहिने हाथ में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने तत्काल उसे बिर्रा अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी गई है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप भी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
इस वारदात के बाद करही गांव में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है। ग्रामीणों में दहशत इतनी है कि लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। वहीं पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक आरोपी गिरफ्त में आते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।


