बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कॉलेज छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मामूली विवाद से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मोपका चौक की है, जहां पड़ोस की एक युवती से बातचीत को लेकर 16 वर्षीय ओमप्रकाश यादव का कुछ युवकों से विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद मारपीट में बदल गया और करीब पांच लोगों ने मिलकर ओमप्रकाश पर हमला कर दिया।
अपने छोटे चचेरे भाई को पिटता देख 22 वर्षीय अभिषेक यादव (पिता संतोष यादव), जो बीए सेकेंड ईयर का छात्र था, मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों का गुस्सा इस कदर बढ़ चुका था कि उन्होंने अभिषेक को ही निशाना बना लिया। आरोपियों में से एक ने चापड़ से उसके गले पर जानलेवा वार कर दिया।
गंभीर चोट लगने के बाद अभिषेक खून से लथपथ होकर मौके पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। वहीं, ओमप्रकाश किसी तरह अपनी जान बचाकर नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचा, जहां उसने खुद को सुरक्षित किया। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी उसका पीछा करते हुए पुलिस चौकी तक पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। अभिषेक को तत्काल अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सरकंडा थाने का घेराव कर दिया। करीब 50 से 60 लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इधर, सरकंडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा कब थमेगी। एक मासूम छात्र की जान चली गई, जिसने केवल अपने भाई को बचाने की कोशिश की थी। अब जरूरत है सख्त कानून व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता की, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


