बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र में रिश्तों के भरोसे का बेरहमी से फायदा उठाकर एक परिवार से लाखों रुपये और सैकड़ों ग्राम सोने के जेवरात हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने घर की युवती को लंबे समय तक जान से मारने और परिवार के छोटे बच्चों का एक्सीडेंट कराने की धमकी देकर इतना भयभीत कर दिया कि करीब डेढ़ साल तक उससे किश्तों में 14.50 लाख रुपये और करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण अपने कब्जे में करा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद सरकंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, राजीव विहार निवासी प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई कि अस्वस्थ रहने के कारण उन्होंने बैंक संबंधी कार्य और लॉकर की चाबी अपनी नातिन को सौंप रखी थी। इसी दौरान जनवरी 2025 से आरोपी आयुष यादव और उसके साथियों ने युवती को अपने जाल में फंसाकर लगातार धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों और छोटे बच्चों की हत्या तथा सड़क दुर्घटना कराने की धमकी देकर युवती को मानसिक रूप से इतना डरा दिया कि वह उनके कहने पर बैंक खातों से रकम निकालकर और ऑनलाइन ट्रांसफर कर उन्हें देती रही।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एसबीआई और सहकारी बैंक खातों से एटीएम तथा फोनपे के जरिए अलग-अलग किश्तों में 14 लाख 50 हजार रुपये हासिल किए। इतना ही नहीं, युवती को आर.आर. रिसॉर्ट के पास बुलाकर घर के लॉकर में रखे लगभग 450 ग्राम सोने के आभूषण, जिनमें हार, चेन, अंगूठी, झुमके और टीका शामिल थे, भी अपने कब्जे में ले लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये नकद, सोने जैसे पीले धातु की दो अंगूठियां, एक चेन, मोबाइल फोन तथा अपराध की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा जब्त की गई है। पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में आयुष यादव (22) निवासी मोपका विवेकानंद नगर, आदर्श शर्मा (19) और प्रिंस साहू (18) निवासी दीनदयाल कॉलोनी बहतराई तथा आदित्य पांडे (19) निवासी आर.के. नगर शामिल हैं।
वहीं, इस मामले में प्रियम शर्मा और शौर्य करोलिया अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
यह मामला केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि भय, ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना के जरिए पूरे परिवार को लंबे समय तक बंधक बनाए रखने की गंभीर साजिश को भी उजागर करता है। सरकंडा पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने हड़पी गई नकदी और जेवरात का कितना हिस्सा खर्च कर दिया और कहीं इस वारदात में अन्य लोगों की भी भूमिका तो नहीं है।


