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बिलासपुर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला: “नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा संकल्प’ नहीं, ‘बेरोजगारी व वादाखिलाफी दिवस’ के रूप में मनाएं”…

बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (राजीव भवन, शंकर नगर, रायपुर) ने एक प्रेसनोट और पत्रकारवार्ता के माध्यम से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल पर बिलासपुर कांग्रेस ने जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस ने भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और उनके सत्ताधीश (मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री) के रूप में 25 वर्षों के कार्यकाल को ‘सेवा और समर्पण दिवस’ के रूप में मनाए जाने को “जनता के साथ क्रूर मजाक” और “सबसे बड़ा झूठ” करार दिया है।

कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि इस दिन को ‘सेवा संकल्प’ के स्थान पर बेरोजगारी दिवस, महंगाई दिवस, वादाखिलाफी दिवस, किसान दगा दिवस, अनुचित नोटबंदी दिवस, अव्यवहारिक जीएसटी दिवस और जुमला दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।

विफलताओं पर उठाए गए सवाल

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की विफलताओं की एक लंबी सूची जारी करते हुए कई तीखे सवाल खड़े किए हैं:

  1. रोजगार और महंगाई:
    • 100 दिनों में महंगाई कम करने और हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था, जो पूरी तरह विफल रहा।
    • ‘हवाई चप्पल वाले हवाई जहाज में सफर करेंगे’ का दावा करने वाली सरकार के राज में केवल पूंजीपतियों के लाखों करोड़ रुपये के लोन राइट ऑफ (माफ) किए गए।
    • हर घर नल और हर सिर पर छत का वादा अब तक अधूरा है।
  2. किसान और आम जन जीवन:
    • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50\% फार्मूले पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने और किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अधूरा रहा।
    • देश में भुखमरी, गरीबी और बेरोजगारी का स्तर बढ़ा है।
    • पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्र व युवा वर्ग परेशान हैं।
  3. आर्थिक नीतियां और कर संरचना:
    • नोटबंदी (2016): काले धन को खत्म करने का दावा असफल रहा। 99\% से अधिक नकदी बैंकों में वापस आ गई और छोटे उद्योग पूरी तरह चौपट हो गए।
    • अव्यवहारिक जीएसटी: जटिल टैक्स संरचना और लगातार बदलावों के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भारी नुकसान हुआ।
    • पेट्रोल-डीजल पर टैक्स: वर्ष 2014 में डीजल पर मात्र ₹3.56 प्रति लीटर सेंट्रल एक्साइज लगता था, जिसे बढ़ाकर ₹31.83 किया गया। इसी तरह पेट्रोल पर एक्साइज ₹9.48 से बढ़ाकर ₹32.98 कर दिया गया। केवल ईंधन पर टैक्स वसूल कर सरकार ने जनता की जेब से 38 लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाले हैं।
    • रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 2014 के 58-59 से गिरकर इतिहास के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
  4. अन्य गंभीर मुद्दे:
    • 27 श्रम कानूनों को बिना सदन में व्यापक चर्चा कराए खत्म करने और वन अधिकार अधिनियम को कमजोर करने का आरोप।
    • मणिपुर में पिछले तीन सालों से जारी हिंसा और दंगों पर चुप्पी।
    • ई-20 पेट्रोल के नाम पर मुनाफाखोरी और मिलावट।

‘मोदी की गारंटी’ में धोखे का आरोप

प्रदेश कांग्रेस ने राज्य स्तर पर ‘मोदी की गारंटी’ के वादों पर सवाल उठाते हुए इसे राज्य की जनता के साथ विश्वासघात बताया:

  • 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा पूरा नहीं हुआ।
  • ₹500 में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा ढाई साल बाद भी अधूरा।
  • अनियमित कर्मचारियों को 100 दिन के भीतर नियमित करने का वादा पूरा नहीं किया गया।
  • महतारी वंदन योजना: बिना भेदभाव के सभी विवाहित महिलाओं को लाभ देने का वादा था, लेकिन केवल आधी महिलाओं को ही इसका लाभ मिल रहा है।
  • धान खरीदी: प्रत्येक गांव में ₹3100 एकमुश्त नकद भुगतान केंद्र खोलने का वादा अधूरा।
  • छात्र कल्याण: बेरोजगारी भत्ता और मुफ्त परिवहन पास (फ्री बस पास) देने का वादा पूरा नहीं किया गया।
  • अन्य योजनाएं: 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी गई और गोठान योजना को बंद कर गौ-सेवा संकल्प से पीछे हटा गया।

43 सीधे सवाल: “मोदी जी जवाब दें”

कांग्रेस ने सरकार से 43 तीखे प्रश्न पूछते हुए जवाब मांगा है। इनमें प्रमुख हैं:

  • अच्‍छे दिन कब आएंगे और खातों में 15-15 लाख रुपये कब जमा होंगे?
  • चीन को लाल आंख कब दिखाएंगे?
  • धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में कितनों ने प्लॉट खरीदे और कितनी कंपनियों ने प्लांट लगाए?
  • स्मार्ट सिटी योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना और मेक इन इंडिया/एमओयू का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड क्या है?
  • पुलवामा में जवानों की शहादत का जिम्मेदार कौन है?
  • ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने के बावजूद बेटियां सड़कों पर धरना देने को क्यों मजबूर हैं?
  • गंगा सफाई के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बाद भी मां गंगा की स्थिति क्या है?
  • 2000 रुपये के नोट को अचानक बंद करने का निर्णय क्यों लेना पड़ा?
  • पूंजीपति मित्रों के लोन माफ क्यों किए गए और प्रवर्तन निदेशालय (ED) व इनकम टैक्स (IT) की रेड सिर्फ विपक्षी नेताओं पर ही क्यों पड़ती है?
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