
बिलासपुर/पामगढ़। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ कस्बे में देसी शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत और एक अन्य की हालत बिगड़ने से हड़कंप मच गया है। मृतकों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55) और निजी क्लिनिक संचालित करने वाले जोहित खरे (52) शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शराब पीने के बाद अचानक ऐसी नौबत क्यों आई? क्या शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिला था, या फिर मौतों के पीछे कोई दूसरी वजह है? फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात पामगढ़ में चार लोगों ने एक साथ देसी शराब का सेवन किया था। शराब पीने के बाद जब वे अपने घर लौटे, तो उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें तत्काल पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर रामखिलावन जांगड़े को बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) रेफर किया गया, जबकि जोहित खरे को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना में तीसरे व्यक्ति कमल नाथ खरे उर्फ राजा की हालत भी शनिवार को बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं, चौथे व्यक्ति मुकेश कश्यप उर्फ गोलू से पुलिस पूछताछ कर रही है। एक ही घटनाक्रम में दो लोगों की मौत और तीसरे की तबीयत बिगड़ने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चारों ने शराब कहां से खरीदी थी, शराब का स्रोत क्या था और सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने के पीछे वास्तविक वजह क्या है।
शनिवार को एसडीओपी टोपेश वर्मा ने बताया कि शुरुआती जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौतें शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के कारण हुईं या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौतों की असल वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शराब का सेवन करने वाले चारों व्यक्तियों ने एक ही स्रोत से शराब ली थी या नहीं। जांच में शराब के नमूनों की पड़ताल और संबंधित परिस्थितियों की पुष्टि महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
इस घटना ने शराब की गुणवत्ता और उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि मौतों का कारण जहरीली शराब ही है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लेकिन एक ही रात शराब पीने वाले दो लोगों की मौत और तीसरे की हालत बिगड़ने की घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
यदि जांच में शराब में मिलावट या किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी सामने आती है, तो शराब के स्रोत, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े पहलुओं की गहन जांच जरूरी होगी। वहीं, यदि मौतों के पीछे कोई दूसरी चिकित्सकीय वजह सामने आती है, तो उस दिशा में भी तथ्य स्पष्ट किए जाने होंगे।
फिलहाल पामगढ़ पुलिस मामले की जांच में जुटी है। थाना प्रभारी राकेश सूर्यवंशी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट पर टिकी हैं। इन्हीं जांचों से स्पष्ट होगा कि दो लोगों की जान आखिर किस वजह से गई और तीसरे व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने का कारण क्या था।
दो मौतें, एक व्यक्ति अस्पताल में और कई अनुत्तरित सवाल—पामगढ़ की इस घटना में सच्चाई सामने लाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि यह मामला जहरीली शराब से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

