बिलासपुर। शहर के राजनीतिक माहौल में कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व—राष्ट्रीय से लेकर प्रदेश और जिला स्तर तक—पूर्णतः हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में लगातार तीसरी बार एनडीए-भाजपा की सरकार बनने के बाद यह स्पष्ट है कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है।
जिलाध्यक्ष सिंह ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के ठीक बाद बिहार में एनडीए—भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी है। उनका आरोप है कि इसी डर और घबराहट के चलते कांग्रेस नेतृत्व एसआईआर प्रक्रिया को किसी भी तरह रोकने की कोशिश में लगा है और इसी उद्देश्य से “निराधार एवं भ्रामक” बयान दिए जा रहे हैं।
हाल ही में कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष द्वारा अपना मतदाता नाम भिलाई की सूची में दर्ज होने का मामला उठाया गया था। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब उनके कार्यकर्ताओं ने संबंधित इपिक नंबर की जांच करवाई तो उसमें अमुदिता दुबे नाम की महिला दर्ज मिली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पदाधिकारी बिना तथ्य के आरोप लगाकर केवल मीडिया में सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।

दीपक सिंह ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेता जनता के मुद्दों की बजाय केवल राजनीतिक लाभ के लिए “उलूल-जुलूल बयानबाज़ी” कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का वास्तविक उद्देश्य मतदाता सूची संशोधन कार्य (एसआईआर) को बाधित करना है, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हो और इसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी
बिलासपुर में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार बयानबाज़ी हो रही है। जहां कांग्रेस मतदाताओं के नाम गलत ढंग से काटे जाने और सूची में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की “निराधार राजनीति” बता रही है। आगामी दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की पूरी संभावना है।


