बिलासपुर, 23 फरवरी 2026। शहर में चर्चित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी से हथियार के बल पर की गई करोड़ों की लूट और जानलेवा हमले के मामले में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के सदस्य शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार 17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे सरकंडा क्षेत्र में ज्वेलर्स संचालक संतोष तिवारी अपनी दुकान बंद कर सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग कार में रखकर घर जा रहे थे। रास्ते में एक इको कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारी। जैसे ही वे बाहर निकले, बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर, कट्टे और चाकू से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया और सोने-चांदी से भरे बैग लेकर फरार हो गए।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध थी। गिरोह के सदस्यों ने पहले से ही ज्वेलर्स की दिनचर्या, आवागमन का समय और रास्तों की रेकी कर रखी थी। इससे पहले भी 18 दिसंबर 2025 को कारोबारी बंधु मोर्य की हत्या और लूट की साजिश रची गई थी, जो असफल रही थी। इसके अलावा एक होटल कारोबारी और अन्य ज्वेलर्स को निशाना बनाने की भी योजना सामने आई है।

गिरोह के मुख्य सदस्य राजू सोनकर और नारद श्रीवास ने अन्य साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश तैयार की थी। आरोपियों ने दिल्ली, अनूपपुर और मिर्जापुर तक भागने की योजना बनाई थी। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने आरोपियों का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 5 लाख 33 हजार रुपये नगद, 6 धारदार चाकू, एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल फोन, एक मारुति इको, एक रेनॉल्ट क्विड और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार बरामद की है। इसके अलावा लूटा गया अधिकांश माल भी जब्त कर लिया गया है।
मामले में थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 219/2026 सहित विभिन्न धाराओं—धारा 126(2), 109, 309(6), 311, 310(2), 238 बीएनएस तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही हत्या की साजिश और पुलिस पर हमला करने के मामलों में भी अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।

पुलिस टीम को सराहना
इस गंभीर और सनसनीखेज अपराध का खुलासा करने में बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम, साइबर सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस का अहम योगदान रहा। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है।


