बिलासपुर। शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना में सकरी पुलिस ने तेज रफ्तार थार कार में शराब के नशे में चाकू लहराते घूम रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक थार वाहन (CG10 BW 6664) और तीन धारदार चाकू जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामला अपराध क्रमांक 198/2026 का है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट तथा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
दिनांक 25 फरवरी 2026 को सकरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक थार वाहन में सवार तीन युवक शराब के नशे में लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्सीडेंट कर भाग रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने मुखबिर की निशानदेही पर आसमा सिटी फेस-2 मेन्ड्रा रोड के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी थार वाहन छोड़कर भागने लगे। इस दौरान वे अपने हाथों में धारदार लोहे के चाकू लहरा रहे थे। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने तीनों को पकड़ लिया।
जब्त सामग्री
- 01 थार वाहन (CG10 BW 6664)
- 03 नग धारदार चाकू
आरोपी
- ईशांत सिंह मण्डलोई उर्फ निशांत उर्फ प्रिंस (24 वर्ष), निवासी रामा लाइफ, सकरी, जिला बिलासपुर
- शैलेन्द्र उर्फ मोनू सिंह (33 वर्ष), निवासी कालीका नगर तिफरा, थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर
- राहुल तिवारी (26 वर्ष), निवासी उस्लापुर, थाना सकरी, जिला बिलासपुर
आरोपियों का कृत्य आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के अंतर्गत पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। साथ ही शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 भी जोड़ी गई। विधिवत गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विजय चौधरी, सउनि सुरेंद्र तिवारी, प्रआर रूपेश तिग्गा, आरक्षक पवन बंजारे, रामचंद्र कश्यप, सज्जू अली, आशीष शर्मा, रूपेश कौशिक और अनुप नेताम की विशेष भूमिका रही।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई। शहर में खुलेआम हथियार लहराकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का यह संदेश साफ है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।


