बिलासपुर/रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने विश्वविद्यालय की क्रय समिति से जुड़े 6 अधिकारियों और प्राध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी को लेकर शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद तैयार प्रतिवेदन में क्रय समिति के सदस्यों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। इसके आधार पर उच्च शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
उच्च शिक्षा विभाग की अवर सचिव फबिओला बड़ा द्वारा जारी नोटिस वित्त अधिकारी अलेक्जेन्डर कुजूर, उप कुलसचिव नेहा राठिया, सह प्राध्यापक डॉ. पूजा पाण्डेय, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डी.एस.वी.जी.के. कलाधर, कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एस. होता और फूड प्रोसेसिंग एवं टेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष यशवंत कुमार पटेल को भेजा गया है।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना जा सकता है। विभाग ने पूछा है कि उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों की एक वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सभी को तीन दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


