बिलासपुर, 14 अप्रैल 2026। जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसे लेकर प्रशासन ने आमजन से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा है कि यह प्रक्रिया केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव है।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले चरण के तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस दौरान नागरिक ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे बाद में प्रगणक के साथ साझा करना होगा।
इसके बाद 1 मई से 30 मई 2026 तक घर-घर सर्वे का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रगणक प्रत्येक मकान पर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकान सूचीकरण के साथ-साथ हर घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण विवरण दर्ज किए जाएंगे।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि स्व-गणना पूरी तरह वैकल्पिक है। यदि कोई नागरिक इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेता है, तो भी प्रगणक निर्धारित समय पर घर पहुंचकर जानकारी दर्ज करेंगे।
उन्होंने जनगणना की गोपनीयता को लेकर भी आश्वस्त किया। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्रित सभी जानकारी पूर्णतः सुरक्षित रहती है और किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। केवल समेकित आंकड़े ही जारी किए जाते हैं। यह डेटा न तो टैक्स वसूली के लिए उपयोग किया जाता है और न ही किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई में।
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े शासन की योजनाओं को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाने में मदद करेंगे। सटीक जानकारी के आधार पर ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार की जा सकेगी।
अंत में उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहयोग करें और “हमारी जनगणना, हमारा विकास” के उद्देश्य को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। जनभागीदारी से ही विकास की नई तस्वीर साकार होगी।


