बिलासपुर, 20 अप्रैल 2026। सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए गंभीर औद्योगिक हादसे की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर ने इस मामले में महत्वपूर्ण पहल करते हुए आमजन, प्रभावितों और संबंधित पक्षों को 29 अप्रैल 2026 को साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया है।
जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, निर्धारित तिथि को बिलासपुर स्थित संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सुनवाई होगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति, संस्था या पक्ष, जो इस घटना से जुड़े तथ्य, प्रमाण या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता है, वह उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप की वाटर सप्लाई लाइन के जॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते यह बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिससे प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच का उद्देश्य न केवल हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है, बल्कि जिम्मेदारियों का निर्धारण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी है।
संभागायुक्त ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने में सहयोग करें तथा उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करें। यह सुनवाई न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।
अब निगाहें 29 अप्रैल की इस सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सामने आने वाले तथ्य इस हादसे की असल वजहों और जिम्मेदारों को उजागर कर सकते हैं।


