बिलासपुर में रिहायशी अपार्टमेंट्स को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने मेरठ निवासी आदतन चोर ताज मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी वसीम मोहम्मद पहले से ही दिल्ली में एक अन्य मामले में जेल में बंद है।
घटना के बाद ए.सी.सी.यू. और थाना सिविल लाइन बिलासपुर की संयुक्त टीम ने करीब 20 दिनों तक दिल्ली, मेरठ और अन्य संभावित ठिकानों पर डेरा डालकर जांच की। इस दौरान पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, फिंगरप्रिंट जुटाए और साइबर सेल की आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। लगातार विश्लेषण और मुखबिर तंत्र के जरिए आखिरकार 24 अप्रैल 2026 को आरोपी ताज मोहम्मद को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह और उसका साथी वसीम मोहम्मद बिलासपुर में अपार्टमेंट्स को चिन्हित कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी के बाद वे सोने-चांदी के जेवरों को खुद ही गलाकर छुपा देते थे, ताकि पहचान से बचा जा सके। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 35.34 ग्राम गला हुआ सोना, जिसकी कीमत लगभग 4.99 लाख रुपये है, और सोना गलाने की चिमनी बरामद की है।
28 सितंबर 2025 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत अपार्टमेंट और रियल हेवन अपार्टमेंट में चोरी और चोरी के प्रयास की तीन घटनाएं सामने आई थीं। आरोपियों ने फ्लैट के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान पार कर दिए थे। तीसरी घटना में पड़ोसियों की सतर्कता के चलते आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड की मदद और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। फुटेज में दिखे आरोपियों की तस्वीरें अन्य राज्यों की पुलिस से साझा की गईं, जिससे उनकी पहचान मेरठ निवासी ताज मोहम्मद और वसीम मोहम्मद के रूप में हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि ताज मोहम्मद के खिलाफ गाजियाबाद, दिल्ली, जयपुर, अलीगढ़, लुधियाना और मेरठ सहित कई शहरों में कुल 47 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उसकी शातिर प्रवृत्ति को दर्शाता है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और उसका साथी घटना से दो दिन पहले मोटरसाइकिल से बिलासपुर पहुंचे थे। पहले इलाके की रेकी की और फिर सुनसान फ्लैट्स को निशाना बनाया। दो फ्लैट्स में चोरी करने के बाद तीसरे फ्लैट में वारदात के दौरान पड़ोसियों की नजर पड़ने पर दोनों अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
इस पूरे ऑपरेशन में ए.सी.सी.यू. और थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की मेहनत को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को सराहना और पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।


