बिलासपुर। शहर में गुरुवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने चर्चित सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। मैग्नेटो मॉल के पीछे साईं मंदिर के पास स्थित उनके आवास पर सुबह-सुबह 10 से ज्यादा अधिकारियों की टीम पहुंची और बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे अंदर प्रवेश कर बंद कमरे में जांच शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान घर के बाहर कड़ी सुरक्षा तैनात रही, जिससे अंदर चल रही गतिविधियों को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। सूत्रों के मुताबिक, टीम दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम साक्ष्यों को खंगाल रही है।
ED की टीम केवल आवास तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यनगरी चौक स्थित श्रीराम ज्वेलर्स पर भी पहुंची। यह प्रतिष्ठान शहर के प्रमुख सर्राफा कारोबार में शुमार है। यहां भी अधिकारियों ने फाइलों, निवेश रिकॉर्ड और बड़े ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई भारत माला प्रोजेक्ट के दौरान जमीन अधिग्रहण में कथित गड़बड़ी से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि जांच का दायरा केवल यहीं तक सीमित नहीं दिख रहा। सूत्रों का कहना है कि जमीन सौदों के साथ-साथ अन्य बड़े वित्तीय नेटवर्क, यहां तक कि कथित शराब घोटाले से जुड़े संभावित कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।
‘बंद कमरे’ में ऑपरेशन, सस्पेंस बरकरार
पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। अधिकारियों ने किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अब तक क्या-क्या बरामद हुआ है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
शहर में इस छापेमारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है।
दुर्ग में भी समानांतर कार्रवाई
इसी कड़ी में ED ने दुर्ग के महेश कॉलोनी में बिल्डर और ‘राम रसोई’ संचालक चतुर्भुज राठी के घर पर भी दबिश दी है। वहां भी टीम वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है।
नजरें अब ED की अगली कार्रवाई पर
फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन जिस तरह से अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई है, उससे यह साफ है कि जांच एजेंसी किसी बड़े नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


