बिलासपुर। शहर में बढ़ती चाकूबाजी, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए बिलासपुर पुलिस ने सोमवार सुबह एक साथ ऐसा अभियान चलाया, जिससे अपराध जगत में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष सघन रेड और सत्यापन अभियान चलाकर पुलिस ने 85 संदिग्ध एवं आदतन बदमाशों को हिरासत में लिया। जांच के बाद 56 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 25 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की टीमों ने तड़के ही शहर के विभिन्न इलाकों में दबिश देकर उन लोगों को चिन्हित किया, जिनका नाम पूर्व में चाकूबाजी, मारपीट, गुंडागर्दी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में सामने आ चुका है। अभियान के दौरान कई निगरानी बदमाशों के घरों और ठिकानों की जांच की गई तथा उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया।
कार्रवाई के दौरान चार लोग अवैध धारदार हथियार के साथ पकड़े गए। उनके कब्जे से चाकू और अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए, जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि उन तत्वों में कानून का भय पैदा करना भी है जो आए दिन आम लोगों के बीच दहशत फैलाने का प्रयास करते हैं। कार्रवाई के दौरान सभी चिन्हित गुंडा-बदमाशों और चाकूबाजों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में यदि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ जिला बदर, निरोधात्मक कार्रवाई और अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में चाकूबाजी, गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अपने क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध या असामाजिक तत्वों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


