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मुस्कुराहट, आंसू और सपनों की उड़ान: 121 बेटियों ने GEM-2026 को कहा अलविदा, एनटीपीसी में भावुक हुआ समापन समारोह…

बिलासपुर/सीपत। चार सप्ताह पहले जब ये बालिकाएं अपने घरों से निकलकर एनटीपीसी सीपत के आवासीय परिसर पहुंची थीं, तब उनके मन में संकोच, उत्सुकता और अनगिनत सवाल थे। लेकिन शुक्रवार को जब बालिका सशक्तिकरण अभियान (GEM-2026) का समापन हुआ, तब वही बेटियां आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नए सपनों से भरी नजर आईं। विदाई के इस भावुक क्षण में जहां अभिभावकों की आंखों में गर्व की चमक थी, वहीं अपनी सहेलियों और प्रशिक्षकों से बिछड़ते समय कई बालिकाओं की आंखें नम हो गईं।

एनटीपीसी लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत आयोजित इस विशेष अभियान ने 121 बालिकाओं के जीवन में ऐसा बदलाव लाया, जिसकी झलक समापन समारोह में स्पष्ट दिखाई दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटकों, समूह गीतों और कला प्रदर्शनी के माध्यम से बालिकाओं ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि पिछले 28 दिनों में उन्होंने कितना कुछ सीखा और स्वयं को कितना निखारा है।

समारोह के मुख्य अतिथि बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन किसी भी बालिका के जीवन की दिशा बदल सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को हर अवसर देने और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज की बेटियां ही कल के सशक्त समाज की नींव हैं।

एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल ने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक 525 बालिकाएं इस अभियान से लाभान्वित हो चुकी थीं और GEM-2026 के साथ यह संख्या बढ़कर 646 हो गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद हर वर्ष 10 मेधावी बालिकाओं को बाल भारती पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी सीपत में कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया। उनकी दिनचर्या योगाभ्यास से शुरू होकर अंग्रेजी, गणित, कंप्यूटर शिक्षा, संवाद कौशल, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, खेलकूद, संगीत, नृत्य, कला और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों तक पहुंची। उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन, स्वच्छता, नेतृत्व और टीम भावना जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों की भी सीख दी गई।

इस अभियान की खास बात यह रही कि बालिकाओं को देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से सीधे संवाद का अवसर मिला। आईपीएस अधिकारी अंशिका जैन ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा कर बेटियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी, वहीं भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अंतरिक्ष विज्ञान और करियर संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया।

ज्ञानवर्धन गतिविधियों के तहत अंतरिक्ष विज्ञान, अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और व्यक्तिगत सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कठपुतली कला, चित्रकला, क्ले आर्ट, खेल प्रतियोगिताएं, सफारी पार्क भ्रमण और टीम बिल्डिंग गतिविधियों ने सीखने की प्रक्रिया को रोचक और यादगार बना दिया।

संगवारी महिला समिति की अध्यक्षा शिखा मंडल ने कहा कि हर बालिका में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होती है। उन्होंने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों का पीछा करने और यहां सीखी गई बातों को जीवन में उतारने का आग्रह किया।

समापन समारोह में उस समय भावनात्मक माहौल बन गया जब एक माह तक साथ रहने वाली बालिकाएं एक-दूसरे से विदा लेने लगीं। किसी ने अपनी नई सहेली को गले लगाया, तो किसी ने प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इन आंसुओं में बिछड़ने का दर्द जरूर था, लेकिन उनमें भविष्य के उज्ज्वल सपनों की चमक भी साफ दिखाई दे रही थी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में शुरू हुआ एनटीपीसी का बालिका सशक्तिकरण अभियान आज देशभर में 13 हजार से अधिक बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन चुका है। एनटीपीसी सीपत में यह पहल लगातार बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के जरिए सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। GEM-2026 का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन यहां से निकली 121 बेटियों के सपनों की उड़ान अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ चुकी है।

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