बिलासपुर। शहर में बढ़ती संपत्ति संबंधी वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए तोरवा पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांजगीर-चांपा निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली। वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो पुराने निगरानी बदमाशों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
मामला थाना तोरवा क्षेत्र का है। प्रार्थी हर्ष कुमार वाधवानी ने 13 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 जुलाई की रात उनके घर के बाहर खड़ी हीरो HF डीलक्स मोटरसाइकिल (CG-10-P-8046) अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 382/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला निवासी विनोद गोड (26 वर्ष) के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली। बरामद वाहन की अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
आदतन बदमाशों पर भी पुलिस का शिकंजा
तोरवा पुलिस ने केवल चोरी के आरोपी की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय पुराने निगरानी और आदतन अपराधियों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि शंकर गंगोत्री उर्फ दीपु और निलेश सोनकर, जो पहले भी चोरी जैसे मामलों में संलिप्त रहे हैं, क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में घूम रहे हैं।
दोनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
अपराधियों को साफ संदेश
तोरवा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों, निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या अपराध की तैयारी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


