बिलासपुर। नगर निगम बिलासपुर के जोन क्रमांक-4 में पदस्थ इंजीनियर अमर सिंह चौहान बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास में फंदे से लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पुलिस मौके से सुसाइड नोट और अन्य अहम साक्ष्यों की तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार, अमर सिंह चौहान का करीब तीन महीने पहले शासन के आदेश पर जगदलपुर से बिलासपुर स्थानांतरण हुआ था। वे व्यापार विहार स्थित नगर निगम कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे, जबकि उनका परिवार जगदलपुर में ही निवास करता है।
बुधवार सुबह जब उनके सरकारी आवास से कोई गतिविधि नहीं हुई तो संदेह होने पर जानकारी ली गई। इसके बाद कमरे के भीतर उनका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को मौके से कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इंजीनियर ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है या फिर उनके मोबाइल, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों से घटना के पीछे की वजह सामने आ सकती है। पुलिस उनके हालिया गतिविधियों और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
सहकर्मियों के मुताबिक, अमर सिंह चौहान का हाल ही में पुनः जगदलपुर स्थानांतरण भी हो चुका था। वे सामान्य रूप से कार्यालय आ-जा रहे थे और उनके व्यवहार में किसी प्रकार का तनाव या असामान्य बदलाव दिखाई नहीं दिया था। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्तब्ध कर दिया है।
पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दे दी है। उनके बिलासपुर पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। यह स्पष्ट होने तक कि घटना आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। नगर निगम के एक अधिकारी की इस तरह हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच से सामने आने की उम्मीद है।


