तारबाहर पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई, CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला फरार आरोपी तक पहुंचने का रास्ता; मामले में पहले ही चार आरोपी भेजे जा चुके हैं न्यायिक रिमांड पर
बिलासपुर। कांग्रेसी नेता पर कथित हमले की साजिश के मामले में कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी तक आखिरकार तारबाहर पुलिस और साइबर टीम पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दीपक तिवारी नेपाल चला गया था और लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था। तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला थाना तारबाहर के अपराध क्रमांक 221/2026 से जुड़ा है। प्रकरण में पुलिस ने धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109, 55 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह की है। प्रार्थी शिशिर कश्यप अपनी पुत्री को स्कूल छोड़ने गया था। इसी दौरान उसके पिता ने फोन कर बताया कि वे करीब 6:45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे और रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे थे। तभी तीन अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे वहां पहुंचे। उनके हाथों में डंडे और नुकीली वस्तु थी। आरोप है कि उन्होंने अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट शुरू कर दी।
घटना की रिपोर्ट मिलते ही तारबाहर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने केवल प्रत्यक्ष सुरागों पर निर्भर रहने के बजाय घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज के सूक्ष्म अवलोकन के साथ तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई। इसके बाद संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने प्रकरण में नितिन टेकाम, एक विधि से संघर्षरत बालक, आंचल साहिल और नवीन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा। हालांकि मुख्य आरोपी दीपक तिवारी लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था।
पुलिस के मुताबिक दीपक तिवारी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था। उसके फरार होने के बाद तारबाहर पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी। कई दिनों की कोशिश के बाद मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस कार्रवाई से साफ है कि वारदात के बाद फरार होकर दूसरे देश तक पहुंच जाना भी आरोपी को पुलिस की निगरानी से बाहर नहीं कर सका। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर टीम की मदद से पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए फरार मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई।
अब पुलिस की कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि हमले की कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और वारदात के लिए आरोपियों को किस स्तर पर निर्देश या मदद मिली थी—जांच में इन पहलुओं को भी सामने लाया जाए।


