Thursday, March 12, 2026
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फेनी साइक्लोन अलर्ट: गृह मंत्रालय ने चेताया गुरुवार तक खतरनाक चक्रवात का रूप ले सकता है तूफान…

गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि चक्रवात ‘फेनी’ के कारण मंगलवार को बहुत तेज तूफान में परिवर्तित होने की आशंका है। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही सभी मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए कहा गया है।

मौसम विभाग ने कहा कि गुरुवार तक यह चक्रवात बेहद खतरनाक तूफान का रूप ले सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि चक्रवाती तूफान वर्तमान में त्रिंकोमाली (श्रीलंका) से 620 किलोमीटर पूर्व, चेन्नई (तमिलनाडु) से 880 किमी दक्षिण-पूर्व में और मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 1050 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में है।

मौसम विभाग ने कहा, चक्रवाती तूफान 24 घंटों के अंदर बहुत ही भयंकर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। इसके एक मई की शाम तक उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और इसके बाद धीरे-धीरे उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर फिर से बढ़ने की संभावना है। आपातकालीन स्थिति मामलों की देश की शीर्ष संस्था राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने सोमवार को चक्रवात ‘फेनी’ से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और राज्य सरकारों को तूफान से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सभी सहायता मिलने का आश्वासन दिया।

100 किलोमीटर प्रति घंटा तक हवा की रफ्तार : आमतौर पर किसी चक्रवाती तूफान की हवाओं की गति 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा होती है जबकि हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ सकती है। अत्यंत भयंकर चक्रवाती तूफान के मामले में, हवा की गति 170-180 किमी प्रति घंटे तक हो जाती है। गुरुवार को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तटीय ओडिशा में कुछ स्थानों पर हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण टला

चक्रवात ‘फेनी’ के कारण भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण टाल दिया है। भारतीय वायुसेना ने यह फैसला ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ मिलकर लिया है। वायुसेना सुखोई-30 फाइटर जेट से इस मिसाइल का परीक्षण करने वाली थी, लेकिन इसे फिलहाल रोक दिया गया है।

एनसीएमसी की बैठक में हालात पर चर्चा

कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में एनसीएमसी की बैठक हुई और हालात का जायजा लिया गया। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इसमें सभी राज्य सरकारों के अधिकारियों ने चक्रवाती तूफान से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी की पुष्टि की।

ओडिशा में सतर्क किया

इस बीच, ओडिशा सरकार के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि संभावित चक्रवात के मद्देनजर राज्य सरकार ने दक्षिणी और तटीय जिलों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य में चक्रवात की वजह से भूस्खलन की संभावना नहीं है।

प्रधानमंत्री ने एहतियाती कदम उठाने को कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘फेनी’ के कारण बन रही स्थिति पर चिंता जताई है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘फेनी’ तूफान के कारण बन रही स्थिति के संबंध में अधिकारियों से बात की। उनसे एहतियाती कदम उठाने और हर संभव मदद के लिए तैयार रहने को कहा है। साथ ही राज्य सरकारों के साथ काम करने की अपील की है।

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