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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का कार्यकर्ता सवांद कार्यक्रम फ्लॉप साउंड की व्यवस्था ऐसी कि राहुल की बात कार्यकर्ता नहीं समझ पाए

बिलासपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का कार्यकर्ता सवांद पूरी तरह से

अव्यवस्था

का भेंट चढ़ गया। अपना सवाल पूछने के लिए कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा कर दिया। कांग्रेस के बड़े नेताओं के बार-बार समझाइश के बाद जब कार्यकर्ता शांत नहीं हुए तो झल्लाकर राहुल ने बीच में संवाद कार्यक्रम बंद कर दिया और सभी की माइक बंद करा दी। अंत में पांच मिनट का संदेश देकर वे कार्यक्रम स्थल से चलते बने।

बिलासपुर शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर बहतराई स्टेडियम में संभाग स्तरीय संकल्प शिविर का आयोजन किया गया था। इसकी तैयारी 15 दिनों से चल रही थी। कार्यक्रम में 24 विधानसभाओं से 20 हजार से अधिक भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भीड़ उम्मीद से बहुत ही कम रही। करीब एक घंटे लेट से सुबह 11.54 बजे राहुल गांधी बहतराई स्टेडियम दाखिल हुए। चारों तरफ पैदल घूमकर उन्होंने सभी का अभिवादन किया। फिर बीच में बने मंच पर गए, जहां माइक लेते ही उन्होंने सभी का नमस्कार किया। उन्होंने मरवाही विधानसभा से संवाद शुरू किया। तीन-चार विधानसभा के कार्यकर्ताओं से संवाद हो पाया था कि शिविर में सवाल पूछने को लेकर हंगामा मच गया। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं की ओर मैदान परिसर में मौजूद महामंत्री अटल श्रीवास्तव व अन्य नेता दौड़कर पहुंचते और उन्हें शांत कराते। जैसे-तैसे करीब 10 विधानसभा के कार्यकर्ताओं से संवाद हो पाया था कि एक साथ दो-तीन विधानसभाओं के कार्यकर्ता सवाल करने लगे। इससे यह समझ में नहीं आ रहा था कि कौन क्या बोल रहा है। बीच मंच से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भूपेश बघेल पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया माइक से शांत कराने के कोशिश करते रहे, लेकिन कार्यकर्ता अपनी बात करते रहे। अंतत: राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत माइक बंद कराने को कहा। मंच से माइक पर लाउडस्पीकर संचालक को माइक बंद करने की हिदायत दी गई, तब कार्यकर्ताओं की आवाज बंद हुई। स्थिति को भांपते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 मिनट का संदेश देकर चले गए। कुल मिलाकर कांग्रेस का यह कार्यक्रम फ्लाप रहा और इससे जिला कांग्रेस की जमकर किरकिरी हुई।

बाहर से आए बूथ कार्यकर्ता

भीड़ बनकर रह गए
24 विधानसभाओं के बूथों से आए कार्यकर्ता शिविर में केवल भीड़ बनकर रह गए। लाउडस्पीकर ऐसी व्यवस्था थी कि न तो राहुल गांधी कार्यकर्ताओं के सवालों को ठीक से सुन पा रहे थे और न ही कार्यकर्ता उनके जवाब को। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके चलते उन्हें बोलने ही नहीं दिया गया।

एसपीजी ने

मंच में केशरवानी को नहीं दिया जाने
राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी ने जैसे ही मैदान का चक्कर पूरा किया और मंच की ओर जा रहे थे तो उस समय जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी भी मंच की ओर बढ़े, जिन्हें एसपीजी के जवानों ने मैदान के बाहर कर दिया।