बिलासपुर

बिलासपुर: जब मनियारी नदी में बहने लगी शराब… तो फटी की फटी रह गईं ग्रामीणों की आंखें… फिर शुरू हुई लूटने की होड़…जानिए नदीं में क्यों बह रही थी शराब…

बिलासपुर। शुक्रवार सुबह के 6 बजे…मदकू स्थित मनियारी नदी में तैरती शराब की बोतलें, आसपास गुजरने वाले ग्रामीण कुछ देर के लिए ठिठके, फिर शुरू हुआ शराब की बोतलें लूट का दौर, सूचना मिलते ही सरगांव चौकी की पुलिस पहुंची और शराब बरामद करने का सिलसिला शुरू हुआ। अब तक वहां पर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी शराब बरामद कर रहे हैं। यह शराब कोटा क्षेत्र में आंखों में मिर्ची पावडर डालकर लूटी गई थी।

जानकारी के अनुसार कोटा से लगे छेरकाबांधा स्थित वेलकम डिस्टलरी से पूरे प्रदेश में देसी शराब सप्लाई होती है। राजनांदगांव ब्रेवरेज से मांग आने के बाद गुरुवार को 871 पेटी शराब की खेप वहां भेजी जा रही थी। ट्रक क्रमांक सीजी 11 एएस 9004 के भुंडा निवासी चालक बहादत खान को तखतपुर, मुंगेली, बेमेतरा से दुर्ग होते हुए राजनांदगांव के लिए जाना था। चालक शाम करीब छह बजे फैक्टरी से निकला। घटना करीब 7.30 बजे की है। ट्रक कोटा से गोबरीपाट होते हुए बीजा रोड स्थित घोड़ामार तालाब के पास पहुंचा। चालक तालाब के पास शौच करने के लिए रुक गया। तभी वहां सिल्वर रंग की बोलेरो सवार तीन युवक आए। उन्होंने आंख में मिर्च पाउडर डालकर चालक को पकड़ लिया। उसे बलपूर्वक बोलेरो में बैठा लिए। वहीं, एक युवक ट्रक लेकर भाग निकला। बोलेरो सवार लुटेरों ने चालक की पिटाई कर उसके कपड़े फाड़ दिए और कोटा रोड में सुनसान रास्ते में घूमाते रहे। रास्ते में क्रांकीट प्लांट के पास चालक किसी तरह बोलेरो से कूद गया और प्लांट के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। उसने पास के ही ढाबा में जाकर किसी अनजान व्यक्ति से मोबाइल मांगकर जांजगीर-चांपा के नैला निवासी ट्रांसपोर्टर व अपने मालिक रफीक मनिहार पिता हाजी उमरउद्दीन(31) को लूटपाट की सूचना दी। लूट की खबर मिलते ही ट्रांसपोर्टर सकते में आ गया। उसने चालक को इस घटना की सूचना पुलिस को देने कहा। फिर वह खुद रात में कोटा पहुंच गया। लूटा हुआ ट्रक गुरुवार की सुबह बिल्हा-सरगांव रोड में ग्राम दौना के पास जली हुई हालत में मिला। उसमें शराब के कार्टून खाली कर दिए गए थे। ट्रांसपोर्टर रफीक मनिहार की रिपोर्ट पर पुलिस धारा 392, 323 के तहत अपराध दर्ज कर जांच कर रही थी। इधर, शुक्रवार सुबह मदकू स्थित मनियारी नदी में शराब की बोतलें तैर रही थीं। बताया जा रहा है कि लुटेरों ने लूटी गई 871 पेटी शराब को नदी में डाल दिया गया था। चूंकि अंग्रेजी शराब की बोतलें पुट्‌ठे के बाक्स में बंद थीं। देसी शराब प्लास्टिंक की बोतल में थी। पुट्‌ठे के बाक्स पानी में पिघलते ही शराब की बोतलें नदी में तैरने लगीं। यह नजारा देखा मदकू के ग्रामीणों की आंखें चूंधियां गईं। कुछ देर बाद नदी में ग्रामीणों का हुजूम लग गया और शराब भरी बोतलें लूटने का दौर शुरू हो गया।

सुबह करीब 9:30 बजे सरगांव पुलिस को नदी में शराब भरी बोतलें तैरने की जानकारी मिली। आनन-फानन में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो सूचना सही निकली। शराबभरी बोतलों को देखकर समझ में आ गया कि यह कोटा क्षेत्र में लूटी गई शराब है। पुलिस ने आबकारी विभाग को सूचना देने के साथ ही शराब की बोतल नदी से निकलवाना शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों के घरों में दबिश देकर शराब बरामद करने की कार्रवाई जारी है।