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पाकिस्तान, नेपाल के छात्रों की हाईकोर्ट से गुहार, एम्स की कार्यवाई पर लगाई रोक…जानें क्या है माजरा…

बिलासपुर। AIIMS हॉस्पिटल रायपुर द्वारा ज़ारी नोटिस के विरुद्ध एमबीबीएस के छात्र और छात्रा ने हाइकोर्ट के वेकेशन जज के समक्ष अर्जेंट याचिका पेश कर अंतरिम राहत की मांग की। वेकेशन जज ने सुनवाई करते AIIMS द्वारा ज़ारी नोटिस के किसी भी कार्यवाई पर 14 जून तक रोक लगा दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 14 जून को होगी।

दरअसल याचिककर्ता MBBS की छात्रा दीप्ति तलरेजा मूलतः पाकिस्तान की है जिनका वीजा पकिस्तान में सरेंडर हो चुका है, उसके माता पिता को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है और बेटी का आवेदन अभी पेंडिंग है। वही दूसरा नेपाल निवासी सूरज पुयल है। दोनों याचिकाकर्ता को सेंट्रल पूल कोटे से AIIMS रायपुर की दो सीटें मिलीं। जिसमें दोनों का एडमिशन हो गया और भारतीय कोटे की फीस भी भर दी गई। इसके बाद AIIMS ने दोनों को नोटिस जारी करते हुए 6 जून तक फॉरेन नेशनल की 75,000 डालर यानी 56 – 56 लाख पाटने कहा, नहीं पाटने की स्थिति में एडमिशन निरस्त किए जाने का जिक्र किया गया। इसके खिलाफ याचिका कर्ता MBBS के छात्र – छात्रा ने अधिवक्ता शिखर बख्तियार के माध्यम से अर्जेंट याचिका लगाई। जिसमें कहा गया की AIIMS रायपुर के पास एनआरआई कोटा है ही नहीं और वे फॉरेन नेशनल की फीस मांग रहें है। जिसकी प्रारंभिक सुनवाई पर हाइकोर्ट ने AIIMS से जवाब मांगा था। AIIMS ने 6 जून को अपना जवाब पेश कर दिया है। AIIMS के जवाब के बदले जवाब पेश करने याचिकाकर्ता के वकील ने समय मांगा साथ ही नोटिस की कार्यवाई पर रोक की मांग की। हाइकोर्ट ने 14 जून तक AIIMS के नोटिस कार्य वाई पर रोक लगा दिया है।

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