बिलासपुर

रेल प्रशासन और पुलिस के नियमों के बीच फंसा व्यापारी, कोर्ट के नोटिस के बाद भी वसूली के लिए रेल प्रशासन बना रहा दबाओ…

बिलासपुर। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने 24 ( 7) दुकान संचालन के लिए टेंडर निकाला। बिलासपुर के व्यापारी आसिफ ने दो...

बिलासपुर। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने 24 ( 7) दुकान संचालन के लिए टेंडर निकाला। बिलासपुर के व्यापारी आरीफ ने दो दुकानों के लिए टेंडर भरा और उसे दुकान का आबंटन हो गया। पर राज्य पुलिस लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देकर दुकान 12 घंटे में बंद करने कह रही। अब व्यापारी पीछले 6 माह से 24 घंटे की जगह 12 घंटे दुकान संचालित करने पर मजबूर है और अबतक उसे लाखो का घाटा उठाना पड़ गया है।

दरअसल रेल प्रशासन द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल्वे स्टेशन के भीतर की तरह बाहर में भी 24×7 रिटेल ऑउटलेट खोलने ऑल इंडिया के लिए टेंडर निकाला। बिलासपुर निवासी आरीफ खान और अन्य ने टेंडर भरा। जिसमें 24×7 के बाहर के दो ऑउटलेट उसे मिल गया और एक 12 घंटे वाला दुसरे को। आसिफ के मुताबिक़ उसने रेल्वे को एडवांस लाइसेंस शुल्क के लिए मार्च 2022 में 5 लाख 12 हजार 393 रुपए जमा कर दुकान संचालित करना शुरू कर दिया। बाकी का बकाया 6 माह के भीतर रेल्वे में जमा करना था। अब दुकान संचालन के 12 घंटे यानी रात 12 बजे के बाद तोरवा पुलिस द्वारा लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देकर उसकी दुकान को आधे में बंद करा दिया जाता है। हालांकि लॉ एंड ऑर्डर का पुलिस द्वारा हवाला दिया जाना बिल्कुल जायज है क्योंकि शहर में आए दिन हो रही घटनाओं पर पुलिस लगाम लगाना चाहती है, इसकी जानकारी रेलवे को समय समय पर संचालक के माध्यम से मिलती रही है लेकीन रेलवे सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनी हुई है।

रेल्वे द्वारा जारी टेंडर के मुताबिक़ आरीफ विधिवत प्रकिया का पालन भी कर रहा है। अब आरीफ का कहना है की उसने रेल से इस बात को लेकर कई बार पत्राचार किया की 24×7 ऑउटलेट को पुलिस आधे में ही बंद करा रही है, जिससे उसे भारी नुकसान हो रहा है। पर रेल प्रशासन उसकी बातों को गंभीरता से न लेकर बकाया भुगतान करने नोटिस पर नोटिस दे रहा है। आरिफ ने पुलिस के आला अधिकारी को भी शिकायती पत्र लिखा पर कुछ नही हुआ। अब परेशान व्यापारी नियमो के चक्कर पर पड़कर थक हारकर न्यायालय की शरण में पहुंच गया है, प्रारंभिक सुनवाई में हाइकोर्ट ने रेल्वे को नोटिस भी जारी किया है। पर नोटिस के बाद भी रेल्वे आसिफ को बकाया जमा करने लेटर भेज रहा है, हालांकि मामले की सुनवाई अभी लंबित है पर व्यापारी आरीफ नियम और कायदे कानून में फंसकर रह गया है।