Monday, February 16, 2026
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छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में मुठभेड़: नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को मिली ऐतिहासिक सफलता, जानें इस वर्ष की प्रमुख सफलताएं…

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में 4 अक्टूबर 2024 को हुई मुठभेड़ ने नक्सल विरोधी अभियान में एक नया मोड़ दिया है। नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित थुलथुली गांव के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में हुई इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। इस मुठभेड़ में 32 नक्सलियों को मार गिराया गया, जो नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सुरक्षा बलों को खुफिया सूचना मिली थी कि पूर्व बस्तर डिवीजन के नक्सली अबूझमाड़ सीमा के पास के जंगलों में सक्रिय हैं। इस सूचना के आधार पर नारायणपुर और दंतेवाड़ा से संयुक्त डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) बल को अभियान पर भेजा गया। सुरक्षा बलों की टीम नदी और पहाड़ों को पार कर जैसे ही थुलथुली गांव के पास पहुंची, पहाड़ी पर घात लगाए नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई, जो कि देर शाम तक रुक-रुक कर चलती रही।

अब तक मुठभेड़ स्थल से 32 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें कई बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने की खबर है। मारे गए नक्सलियों में डिविजनल कमेटी के सदस्य कमलेश और बारसूर एरिया कमेटी की प्रभारी नीति शामिल हैं, जिन पर 25-25 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफल, एसएलआर जैसी अत्याधुनिक बंदूकें और भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किए हैं। हालांकि, अभी नक्सलियों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है और मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा बलों को इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है। अबूझमाड़ की इस मुठभेड़ से पहले भी सुरक्षा बलों ने कई मुठभेड़ों में बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक 189 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, 663 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, और 556 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

इस वर्ष की प्रमुख सफलताएं

इस वर्ष अब तक कई बड़ी मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है, जिनमें प्रमुख घटनाएं निम्नलिखित हैं:

  • – 27 मार्च को बीजापुर के चिपुरभट्टी में 6 नक्सली ढेर।
  • – 2 अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर में 13 नक्सली मारे गए।
  • – 16 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेठिया में 29 नक्सली ढेर।
  • – 30 अप्रैल को अबूझमाड़ के टेकमेटा में 10 नक्सली मारे गए।
  • – 10 मई को बीजापुर के पीड़िया में 12 नक्सली ढेर।
  • – 23 मई को रेकावाही में 8 नक्सलियों को मार गिराया गया।

अबूझमाड़ की यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और मजबूत रणनीति के चलते नक्सलियों के खिलाफ जारी यह अभियान एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इससे नक्सलियों के मंसूबों पर गहरा आघात पहुंचा है, और यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में नक्सलवाद पर और अधिक नियंत्रण प्राप्त किया जा सकेगा।

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